UPSE clear करने के बावजूद बने burger seller| story of successful entrepreneurs in india

UPSE clear करने  बावजूद बने burger seller| story of successful entrepreneurs in India in Hindi

सफल वही होते है जो अपनी कठिन परिस्थितियों के आगे अपने घुटने नहीं टेकते। ब्लकि वह उन कठिन परिस्थितियों को पार कर सफलता को प्राप्त करते है। ऐसे ही है sandeep satpathy जिन्होंने अपनी कठिन परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और ना ही वह अपने जीवन मे आए मुश्किलों से घबराये। जिंदगी जीने का यही अंदाज आज उन्हें एक सफ़ल businessman बनाता है।

कौन है संदीप satpathy ?

रायपुर, छत्तीसगढ़ के रहने वाले sandeep satpathy एक successful business owner है। आर्मी मे ना भर्ती हो पाने के बाद, उन्होंने अपने पार्टनर के साथ मिल कर फूड इंडस्ट्री के Qsr ( quick service restaurant) मे कुछ नया करना चाहते थे इस तरह उन्होंने  biggies burggerको found किया। sandeep satpathy beamer food pvt.ltd के Director of expansion हैं।

Sandeep satpathy जैसे सफल व्यापारी की कहानी

संदीप का बचपन से सपना था कि वह एक army ऑफिसर बने। इस सपने के पीछे वह पूरी तरह से समर्पित थे उन्हें किसी भी हाल मे एक आर्मी ऑफिसर बनना था। वह अपने graduation की पढ़ाई के लिए पुणे गए। graduation के दूसरे साल ही उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी। वह यूपीएससी के परीक्षा मे सफल रहे उन्होंने exam clear कर लिया था, लेकिन उम्र कम होने के कारण वह इंटरव्यू नहीं दे पाए।

Graduation खत्म करने के बाद sandeep ने फिर से upsc की परीक्षा दी ,इस बार भी उन्होंने written clear कर लिया लेकिन वह इंटरव्यू से बाहर हो गए। ऐसे ही वह 5 बार यूपीएससी exam के written को clear कर लेते थे लेकिन उन्हें  इंटरव्यू से बाहर कर दिया जाता था। एक समय ऐसा आया की ना तो वह यूपीएससी के exam मे बैठ सकते थे और ना ही इंटरव्यू मे। इस तरह उनका army मे जाने का सपना टूट गया।

 

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Plan B

आर्मी ने ना जा पाने के बाद उन्होंने एक कॉर्पोरेट कंपनी मे इंटरव्यू दिया, वह कंपनी था रेमंड जहां उन्हें पहला जॉब मिला। रेमंड मे उन्होने बहुत अच्छा काम किया, कंपनी को भी profit हुआ। एक साल रेमंड मे काम करने के बाद उन्हें VIP से ऑफर आया, उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार किया और VIP जॉइन कर लिया।

कुछ ही महीनों बाद उन्होंने सोचा अगर मैं इतनी मेहनत कर के दूसरे की company को फायदा दिला सकता हूं तो क्यों  ना मैं खुद का कुछ शुरू करू। यही सोच को लेकर उन्होंने पुणे के fc रोड मे अपना पहला business एक कपड़े की दुकान की शुरुआत की। जिसका नाम था triangles, यह business पहले दिन से ही अच्छा करने लगा।

लेकिन कुछ ही समय मे उन्हें नुकसान होने लगा, इसका कारण था कि जिस रेट पर यह products खरीदते थे उसी रेट पर online seller डायरेक्ट customer को products बेचने लगे। जिससे छोटे दुकानदारों को नुकसान होने लगा। कुछ ही समय मे sandeep को अपनी दुकान बंद करनी पडी और वह 15 लाख के नुकसान मे भी चले गए।

 

Wife support

इस समय संदीप की पत्नी ने उन्हें संभाला, वह काम करती थी और घर के ख़र्चे चलाती  थी। इतना नुकसान होने के बाद भी संदीप ने हार नहीं मानी, उनके अंदर जो जुनून था कुछ कर जाने की वही जुनून ने उन्हें आगे बढ़ने का हिम्मत दिया।

उन्हीं दिनों उनकी मुलाकात हुई Biraja prashad rout और abhilash chandrashekhar से, सभी ने मिल कर कुछ नया करने की सोची और एक बात का ध्यान रखा की ऑनलाइन की वजह से उनको नुकसान ना हो। ऐसे ही उनके ध्यान मे आया food इंडस्ट्री। food इंडस्ट्री मे भी उन्होंने एक product बेचने के लिए final किया और वह था बर्गर ।

सभी ने मिल कर final किया की वह बर्गर को इंडियन flavour  देंगे और बेचेंगे ताकि लोगों को खाने मे मज्जा आए। इस तरह biggies burgger की शुरुआत हुई। अब product फाइनल हो गया था, लेकिन एक समस्या अभी थी कि biggies burgger को कहाँ  बेचा जाये?

Biggies Burger

तब सभी ने डिसाइड किया कि biggies burgger का पहला store बैंगलोर के electronic city मे खोला जाए । यहां इसलिए क्यूंकि इस सिटी मे IT सेक्टर का culture ज्यादा है और यहां रोज शाम को लोग बाहर निकालते है कुछ नया खाने के लिए। इस तरफ biggies burgger का पहला स्टोर एक 50 square feet का store था।

धीरे-धीरे लोगों को यह पसंद आने लगा और biggies burgger के founders लगातार अपने burgger को अपडेट करते रहे, बाकी लोग उस समय burgger के bun को fry करते थे ,तब biggies burgger अपने burgger bun को bake करता था। यहीं छोटी छोटी चीजें बदलाव लोगों को पसंद आने लगी। लोग इसकी सराहना करने लगे, biggies burgger के फ्रेंचाइजी के लिए भी ऑफर आने लगे थे।

लेकिन biggies burgger के founders का कहना है की “हमने एक बात गांठ बांध ली थी कि जब तक हम पूरी तरह से मजबूत नहीं होंगे तब तक कोई फ्रेंचाइजी नहीं देंगे। “

 

biggies burger linkdin 

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दूसरा स्टोर

लगभग एक साल बाद beamer food & Breavrage pvt.ltd ने अपना store….यानि  biggies burgger का दूसरा स्टोर ओड़िशा के भुवनेश्वर मे डाला, वहाँ भी लोगों ने biggies burgger को पसंद किया और इस तरह धीरे-धीरे अलग अलग शहरों मे फ्रेंचाइजी बढ़ती गई। आज 10 अलग अलग राज्यों मे biggies burgger के 30+ outlet सफलतापूर्वक चल रहे हैं।

Founder of Beamer food & Breavrage pvt.ltd

Beamer food & Breavrage के founders है Biraja Prashad Rout, Abhilash Bellur, and Sandeep satpathy.
मौजूदा कंपनी के डायरेक्टर हैं।

Biraja Prashad Rout:- Managing Director
Abhilash Bellur:- Director of operations
Sandeep Satpathy:- Director of Expansion

 

Annual turnover of Biggies Burger.

आज biggies burgger का सालाना turnover 30 से 35 करोड़ रुपये हैं।

FAQ

Who is the founder of biggies burger?

Founder of the biggies burger is Biraja Prashad Rout

who owned Biggies Burger?

Biggies Burger is a subsidiary brand of beamer food and Beverage Pvt. ltd

what is Biggies Burger?

Biggies Burgger is a Cafe and fast food enterprise. Who focused on the new culture of burgers in India

What is the tagline of Biggies Burger?

Be Brave Be Biggies” is the tag line of Biggies Burger.

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  UPSE clear करने के  बावजूद बने burger seller| story of successful entrepreneurs in India in Hindi में  की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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