फटे पुराने कपड़े से राजा बनने तक का सफर|story of good person

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story of good person की शूरुआत

बहुत समय पहले की बात है एक राज्य मे एक राजा रहता था। राजा बहुत ही दयालू और दयवान था। राजा का कोई बच्चा नही था ना कोई लड़का और ना ही कोई लडकी।
 राजा का सम्राज बहुत ही समृद्ध और खुशहाल था। राजा इस बात से चिंतित रहता था की उसके बाद उस राज्य को कौन संभालेगा। क्या वह प्रजा के लिये सही काम करेगा? इस बात से राजा थोड़ा परेशान रहता था।

कुछ दिनो तक ऐसा ही चलता रहा। एक दिन राजा ने एक बहुत बडा निर्णय लिया वह अपने निर्णय को सभी को बताने के लिये सभा बुलाया।

सभा मे उसने बताया की वह अपने राज्य के सभी युवायों से बात चित करेगा और जो भी राजा की कुर्शी का सही हक़दार होगा उसको राजा घोषित किया जाएगा।

राजा ने कहा इस राजा के पद के लिये कोई भी युवा आवेदन दे सकता है। राजा ने कहा मुझे एक ऐसा राजा चाहिये जो दयवान और अपने प्रजा के प्रति समर्पित हो।

राजा ने इस आयोजन का प्रबंध करवाया। राज्य के सभी गांवों मे खबर फैला दी गई। दूर एक गांव मे एक लड़का रहता था। वह बहुत गरीब था उसने यह खबर सुना।

उसने सोचा मै भी राजा बनने के लिये अर्जी डाल देता हूं। उसने अर्जी तो डाल दी,लेकिन उसके पास कोई अच्छे कपड़े नही थे।
 जिसे पहन कर वह राजा के सामने जा सके,और ना ही उतने पैसे थे जिसे वह अपने सफर का खर्चा उठा सके।

लड़के ने मेहनत से काम किया और कुछ पैसे बचाए। जिसे उसने नये कपड़े खरीदे और कुछ खाने का सामान ले कर वह अपने सफर पर निकल गया।

2 दिन बाद वह राजा के राज्य मे पहूंचता है। चारो तरफ चका चौंध था। अगले राजा को चुनने का आयोजन अच्छा चल रहा था।

लड़के के पास थोड़ा ही खाना बचा हुआ था, और ठंड भी बहुत थी। तभी उसने देखा एक भिखारी ठंड मे बैठा हुआ है ठिठुर रहा है।

वह उस भिखारी के पास जाता है और कहता है। आप ऐसे यहां क्यूं बैठे हो? भिखारी जवाब देते हुए कहता है। मेरे पास खाने को कुछ नही है और ना ही इस ठंड से बचने के लिये कपड़े।

लड़के ने जो नये कपड़े लिये थे,जिसे वह पहन कर राजा के सामने जाने वाला था।

राजा ने उस लड़के की परीक्षा कैसे ली|story of good person

 उसने वह कपडे उतारे और उस भिखारी को दे दिया,साथ मे उसके पास जो खाना बचा हुआ था उसने वह भी दे दिया।

अब लड़के की हालत खुद भिखारी जैसी हो गई थी। वह सोच मे पड़ गया था की वह राजा के सामने जाये या नहीं।

 काफी सोच विचार के बाद उसने राजभवन मे जाने का निर्णय लिया। वह द्वारपाल के पास जाता है और पूछता है की अगला राजा चुनने का आयोजन कहा हुआ है?

द्वारपाल उसे लेकर भवन के भीतर जाता है और उसे एक कमरे तक पहूंचा देता है और कहता है आज रात आप यहां आराम करिये। आयोजन कल सुबह 10 बजे से है। आपको खबर कर दिया जाएगा।

सुबह हुई लड़के के पास कपड़े तो थे नही उसने जो फट पुराना कपड़ा पहना था वह उसी वेशभूषा मे आयोजन के भाग लेने पहूंच गया। सभी लोग बैठे हुए थे। दूर दूर से लोग राजा बनने की परीक्षा देने आये थे।

राजा सभा मे आते हैं और अपने आशन पर बैठ जाते हैं। लड़का राजा को देख सोचने लगता है मैने राजा को कही देखा है।

 इतने मे राजा उसे देख लेते हैं और कहते हैं। मैं वही भिखारी हूं,जिसे तुमने कल खाने के लिये भोजन और पहनने के लिये अपने कपड़े दे दिये थे।
लड़का चौंककर पूछता है महाराज आप ऐसे भिखारी के रुप मे क्यूं बैठे थे?

राजा मुस्कराकर जवाब देते हैं। मैं ऐसे राजा की तलाश कर रहा था जो सिर्फ बोलने और कहने के लिये दयालू और दयवान नही हो।

 तुमने उस भिखारी की सच्ची निष्ठा से मदद की थी। तुम्हारे पास ज्यादा खाने को नही था और ना ही कपड़े थे।
 परंतु तुमने मदद करनी चाही जिसके वजह से तुम्हारे पास जो भी था तुमने उसे उस भिखारी की मदद की। यह तुम्हारे दुसरे इंसान के प्रति प्रेमभाव दर्शाता है।
अगर मै राजा बन कर परीक्षा लेता तो यहां बैठे सभी व्यक्ति मुझे खुश करने के लिये कुछ भी कर जाते। परंतु उस भिखारी की मदद वही करता जो सच्चे मन से मदद करना चाहता है।

वैसा ही हुआ तुम्हारे अलावा किसी और ने उस भिखारी की मदद नही की। तुम इस परीक्षा मे सफल हुए।

 इस राज्य का अगला राजा तुम्हे घोषित किया जाता है। राजा ने उस लड़के को गले लगाते हुए उसे बधाई दी।

लड़का बहुत खुश था उसके आंखो मे आंशु थे। सभा ने उस लड़के को बधाई दी, प्रजा भी बहुत खुश थी।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको फटे पुराने कमरे से राजा बनने तक का सफर|story of good person की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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