क्या आप खुद को कोसते है? तो ये कहानी पढ़े|self respect story in hindi

नमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है। इस blog पे आपको inspirational Hindi kahani, self respect story in hindi इन्ही तरह के और भी kahaniya पढ़ने को मिलेंगे । 
 

self respect story in hindi की शूरुआत

मरने से पहले एक पिता अपने बेटे को अपने पास बुलाता है और उसे एक पुरानी घड़ी देता है। घड़ी देते समय पिता बोलता है। बेटा यह घड़ी 200 वर्ष पुरानी है। 

यह घड़ी मुझे मेरे पिता जी ने दी थी। तुम यह घड़ी लेकर शहर मे घड़ी की दुकान पर जाओ और उसे कहो की तुम्हे यह घड़ी बेचनी है। वह उस घड़ी का क्या मूल्य लगाता है तुम मुझे आकार बताना घड़ी को बेचना नही।

बेटा वैसा ही करता है। वह घड़ी को लेकर शहर मे घड़ी के दुकान पर जाता है और दुकानदार को घड़ी दिखता है और कहता है मुझे यह बेचना है। 

 दुकानदार उस घड़ी के बदले उस लड़के को 1000 ऑफ़र करता है। लड़का वापस घर आता है और अपने पिता को बताता है दुकानदार ने उसे 1000 का ऑफ़र दिया।

पिता बोलता है तुम इस घड़ी को लेकर 2nd hand dealer के पास  जाओ और उसे यह घड़ी दिखाओ और पुछो की वह इस घड़ी का कितना मूल्य दे सकता है। 

लड़का वहाँ जाता है और घड़ी दिखा कर दुकानदार से पूछता है की कितना मूल्य उसे इस घड़ी का मिल सकता है।

दुकानदार बोलता ही मै इस घड़ी का 500 दे सकता हूं। घड़ी बहुत पुरानी है और इस पर scratch भी है। लड़का वापस घर आकर अपने पिता को पूरी बात बताता है। 

पिता ने बेटे को संग्रहालय भेजा|self respect story in hindi

पिता बोलता है कोई बात नहीं अब तुम संग्रहालय (museum) मे जाओ और उन्हे यह घड़ी दिखाओ। लड़का को समझ नही आ रहा था की उसके पिता करना क्या चाहते हैं।

वह थोड़ा नाराज भी हुआ लेकिन उसके पिता की आखिरी इच्छा थी इसलिए वह कुछ नही बोला और चुपचाप संग्रहालय (museum)चला गया।

जब वह संग्रहलय जा कर उस घड़ी को दिखता ही उसे उस घड़ी के लिये 10 लाख रूपय का ऑफ़र मिलता है। 

संग्राहलय के लोग उस घड़ी के लिये 10 लाख देने को तैयार थे। वह उस घड़ी को अपने प्रचीन संग्रह (antique collection) मे शामिल करना चाहते थे।

लड़का वापस घर गया और अपने पिता को यह बात बताया। पिता बोलते है बेटा मै तुम्हे यह दिखाना चाहता था की सही जगह पर तुम्हे सही लोग मिलेंगे जो तुम्हारे महत्व को समझेंगे।

 कभी भी गलत जगह पर हो कर अपने आपको छोटा नही समझना की तुम किसी काम के नही हो। यह तुम्हे गुस्से के अलावा कुछ नही दे सकता।

कभी भी उन जगह पर उन लोगो के साथ मत रहना जो तुम्हे प्रोत्साहित नही करते है,तुम्हारी कीमत नही समझते।

 अगर तुम अपना मूल्य नही समझोगे तो तुम हमेशा अपने आप को पीछे रखोगे। जो तुम हासिल कर सकते हो, जो तुम्हे मिलना चाहिये वह कभी नही मिलेगा। तुम थोड़े मे ही रह जाओगे। 

जो लोग अपना मूल्य नही जानते वह अपने मूल्य से बहुत कम पर व्यवस्तिथ हो जाते है। जो लोग अपनी कीमत समझते है वह अपने जीवन को खुद बनाते है। 

वह वो जिन्दगी जीते है जैसा वह जीना चाहते है। यही फर्क होता है उनलोगो मे जो अपनी कीमत जानते है और वो लोग जो अपनी कीमत नही जानते हैं।

आपको अपना मूल्य समझना होगा। 

जो लोग अपनी कीमत नही समझते हैं उन्हे कोई अपने बातो मे फसा लेता है उनकी धारणा को बदल देता है। 

यह लोग दूसरो को खुद की धारणा जीवन के प्रति बदलने देते हैं। लेकिन जो लोग खुद की कीमत समझते है वह किसी दुसरे को अपनी धारणा नही बदलने देते। वह उन लोगो को महत्व नही देते हैं जो बे फालतू बक्वाश करते है। 

Self respect essay in hindi

वह अपनी परिभाषा खुद लिखते हैं क्युंकि वह अपनी कीमत समझते और जानते हैं। 

वह किसी दुसरे के विचारो पर अपना जीवन निर्धारित नही करते हैं वह अपने विचारो पर जीवन जीते हैं। क्युंकि उन्हे अपनी कीमत पता है।

अपने आप के लिये एक standard बनाए। आप अपना मूल्य किसी और को ना लगाने दे। किसी दुसरे के लिये अपने आप को कभी नही बदले। 

जो लोग हमेशा दुसरो को खुश करने मे लगे रहते है अंत मे वह खुद खुश नही होते है।

आप अपने आप को सबसे पहले पहले रखें।

आपको खुद की कीमत पता होनी चाहिये,आप अपना selfworth बनाए। अपने आप को मजबूत बनाए खुद को बेस्ट बनाए जितना आप बना सकते हैं। 

अपने आप को जीवन मे आगे बढ़ने और बेस्ट जीवन जीने के लिये प्रेरित करे। 

जो लोग आपको नीचा दिखाते हैं उन सभी को अपने जीवन से निकाले और आप अपने आप पर काम करे। क्युंकि आपकी कीमत आप खुद समझ सकते है कोई दुसरा नही।

इस दुनिया मे आपको बस एक ही इंसान से इज्जत कमाना है और वो इंसान आप खुद है। जो खुद की इज्जत करता है वह अपना मूल्य समझता है। आपका भविष्य आप खुद हैं।

इसलिए आप अपने आप के लिये एक standard बनाए जो आपको define करता हो। 

दूसरो के विचारो से खुद को प्रभावित नही होने दे। क्यूंकी उनका वही काम है। हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करें।

धन्यवाद ।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  self respect story in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

और रोमांचिक कहानियां है निचे पढ़े।

नमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है। इस blog पे आपको inspirational Hindi kahani, self respect story in hindi इन्ही तरह के और भी kahaniya पढ़ने को मिलेंगे । 
 

self respect story in hindi की शूरुआत

मरने से पहले एक पिता अपने बेटे को अपने पास बुलाता है और उसे एक पुरानी घड़ी देता है। घड़ी देते समय पिता बोलता है। बेटा यह घड़ी 200 वर्ष पुरानी है। 

यह घड़ी मुझे मेरे पिता जी ने दी थी। तुम यह घड़ी लेकर शहर मे घड़ी की दुकान पर जाओ और उसे कहो की तुम्हे यह घड़ी बेचनी है। वह उस घड़ी का क्या मूल्य लगाता है तुम मुझे आकार बताना घड़ी को बेचना नही।

बेटा वैसा ही करता है। वह घड़ी को लेकर शहर मे घड़ी के दुकान पर जाता है और दुकानदार को घड़ी दिखता है और कहता है मुझे यह बेचना है। 

 दुकानदार उस घड़ी के बदले उस लड़के को 1000 ऑफ़र करता है। लड़का वापस घर आता है और अपने पिता को बताता है दुकानदार ने उसे 1000 का ऑफ़र दिया।

पिता बोलता है तुम इस घड़ी को लेकर 2nd hand dealer के पास  जाओ और उसे यह घड़ी दिखाओ और पुछो की वह इस घड़ी का कितना मूल्य दे सकता है। 

लड़का वहाँ जाता है और घड़ी दिखा कर दुकानदार से पूछता है की कितना मूल्य उसे इस घड़ी का मिल सकता है।

दुकानदार बोलता ही मै इस घड़ी का 500 दे सकता हूं। घड़ी बहुत पुरानी है और इस पर scratch भी है। लड़का वापस घर आकर अपने पिता को पूरी बात बताता है। 

पिता ने बेटे को संग्रहालय भेजा|self respect story in hindi

पिता बोलता है कोई बात नहीं अब तुम संग्रहालय (museum) मे जाओ और उन्हे यह घड़ी दिखाओ। लड़का को समझ नही आ रहा था की उसके पिता करना क्या चाहते हैं। 

वह थोड़ा नाराज भी हुआ लेकिन उसके पिता की आखिरी इच्छा थी इसलिए वह कुछ नही बोला और चुपचाप संग्रहालय (museum)चला गया।

जब वह संग्रहलय जा कर उस घड़ी को दिखता ही उसे उस घड़ी के लिये 10 लाख रूपय का ऑफ़र मिलता है। 

संग्राहलय के लोग उस घड़ी के लिये 10 लाख देने को तैयार थे। वह उस घड़ी को अपने प्रचीन संग्रह (antique collection) मे शामिल करना चाहते थे।

लड़का वापस घर गया और अपने पिता को यह बात बताया। पिता बोलते है बेटा मै तुम्हे यह दिखाना चाहता था की सही जगह पर तुम्हे सही लोग मिलेंगे जो तुम्हारे महत्व को समझेंगे।

 कभी भी गलत जगह पर हो कर अपने आपको छोटा नही समझना की तुम किसी काम के नही हो। यह तुम्हे गुस्से के अलावा कुछ नही दे सकता।

कभी भी उन जगह पर उन लोगो के साथ मत रहना जो तुम्हे प्रोत्साहित नही करते है,तुम्हारी कीमत नही समझते।

 अगर तुम अपना मूल्य नही समझोगे तो तुम हमेशा अपने आप को पीछे रखोगे। जो तुम हासिल कर सकते हो, जो तुम्हे मिलना चाहिये वह कभी नही मिलेगा। तुम थोड़े मे ही रह जाओगे। 

जो लोग अपना मूल्य नही जानते वह अपने मूल्य से बहुत कम पर व्यवस्तिथ हो जाते है। जो लोग अपनी कीमत समझते है वह अपने जीवन को खुद बनाते है। 

वह वो जिन्दगी जीते है जैसा वह जीना चाहते है। यही फर्क होता है उनलोगो मे जो अपनी कीमत जानते है और वो लोग जो अपनी कीमत नही जानते हैं।

आपको अपना मूल्य समझना होगा। 

जो लोग अपनी कीमत नही समझते हैं उन्हे कोई अपने बातो मे फसा लेता है उनकी धारणा को बदल देता है। 

यह लोग दूसरो को खुद की धारणा जीवन के प्रति बदलने देते हैं। लेकिन जो लोग खुद की कीमत समझते है वह किसी दुसरे को अपनी धारणा नही बदलने देते। वह उन लोगो को महत्व नही देते हैं जो बे फालतू बक्वाश करते है। 

Self respect essay in hindi

वह अपनी परिभाषा खुद लिखते हैं क्युंकि वह अपनी कीमत समझते और जानते हैं। 

वह किसी दुसरे के विचारो पर अपना जीवन निर्धारित नही करते हैं वह अपने विचारो पर जीवन जीते हैं। क्युंकि उन्हे अपनी कीमत पता है।

अपने आप के लिये एक standard बनाए। आप अपना मूल्य किसी और को ना लगाने दे। किसी दुसरे के लिये अपने आप को कभी नही बदले। 

जो लोग हमेशा दुसरो को खुश करने मे लगे रहते है अंत मे वह खुद खुश नही होते है।

आप अपने आप को सबसे पहले पहले रखें।

आपको खुद की कीमत पता होनी चाहिये,आप अपना selfworth बनाए। अपने आप को मजबूत बनाए खुद को बेस्ट बनाए जितना आप बना सकते हैं। 

अपने आप को जीवन मे आगे बढ़ने और बेस्ट जीवन जीने के लिये प्रेरित करे। 

जो लोग आपको नीचा दिखाते हैं उन सभी को अपने जीवन से निकाले और आप अपने आप पर काम करे। क्युंकि आपकी कीमत आप खुद समझ सकते है कोई दुसरा नही।

इस दुनिया मे आपको बस एक ही इंसान से इज्जत कमाना है और वो इंसान आप खुद है। जो खुद की इज्जत करता है वह अपना मूल्य समझता है। आपका भविष्य आप खुद हैं।

इसलिए आप अपने आप के लिये एक standard बनाए जो आपको define करता हो। 

दूसरो के विचारो से खुद को प्रभावित नही होने दे। क्यूंकी उनका वही काम है। हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करें।

धन्यवाद ।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  self respect story in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

और रोमांचिक कहानियां है निचे पढ़े।

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