गुमनाम आत्मा बनके भटकता राकेश|scary horror stories in hindi

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scary horror stories in hindi की शूरुआत

दोस्तो यह घटना एक इंसान के साथ हुआ था। जिसका नाम राकेश था। राकेश किसान था।

 राकेश अपने गांव मे रहता था उसका गांव बिहार मे है। जैसा की आप जानते है गाव के लोग निडर और बहादूर होते हैं।

वह रात को भी कही सफर या कही आने जाने से नही डरते हैं। वैसा ही राकेश था। राकेश एक दिन अपने दीदी के घर कुछ काम से गया था। दोस्तो गांव के लोग हमेशा अपने साथ एक लाढी रखते हैं। उन लोगो को लाठी चलाना भी अच्छे से आता है। 

राकेश को लाठी चलाना बहुत अच्छे से आता था। राकेश जब अपने दीदी के घर से आ रहा था तब उसके पास एक लाढी था और कुछ सम्मान था। 

राकेश को घर लौटते लौटते काफी देर हो गई थी। लेकिन राकेश चान्द की रौशनी मे चलता जा रहा था। 

वह आधे रास्ते पहूंचा ही था की एक झोपड़ी से किसी के चीखने की आवाज आ रही थी। 

राकेश ने सोचा कुछ होगा लेकिन जब आवाज तेज हो गई तब राकेश ने सोचा की मै जा कर देखता हूं आखिर यह आवाज किसकी है। वह झोपड़ी के करीब जाने लगा। 

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जैसे जैसे वह झोपड़ी के करीब पहूंच रहा था आवाज बंद हो गई लेकिन राकेश ने झोपड़ी के अंदर जाने का निर्णय किया और वह अंदर गया।

अंदर उसने देखा की एक खाली कुर्शी है जो हिल रही है। राकेश आवाज देने लगा जो कोई भी है सामने आ जाओ। 

कौन है वो परछाई| scary horror stories in hindi

तभी उसको एक परछाई दिखाई दिखी जो की झोपड़ी के बाहर थी। राकेश बाहर गया और पूछा कौन हो तुम और यहां क्या कर रहे हो?

तभी वह परछाई राकेश की ओर मुडता। उसको देख रकेश के हालत खराब हो गई। 

वह वहां से भागने लगा लेकिन वह भाग नही पाया। उस परछाई का चेहरा लहू लुहान था मानो किसी ने उसके चेहरे को बुरी तरह से कुचल दिया है।

राकेश समझ गया था की वह एक भूत है। उसने अपनी जान लगा दी वहां से भागने मे लेकिन वह भाग नही पाया। 

उस भूत ने उसे घसीट कर एक कुए मे फेक दिया। जिसे उसकी मौत हो गई । उसके शरीर का भी किसी को पता नही लगा।

2 सालो बाद जब एक दिन एक गरेड़ीया वहां से गुजर रहा था तब उसने उस कुए को देखा। उसने सोचा की कुएँ पर रुक कर पानी पी लेता हूं। 

तब उसने देखा की उस कुएँ मे पानी नही है। कुआ सुखा हुआ था और उसमे एक कंकाल था। जिसे देख गरेडीया वहां से दौडता हुआ भागा और गांव वालो को बताया ।

जब गाव वाले वहां पहूंचे वह हैरान रह गये। क्युंकि गांव वालो को उस कुए के बारे मे पता नही था। उन्होने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने फोरेंसिक की मदद से पता लगा लिया की वह कंकाल राकेश की है।

गांव वाले उसकी मौत का कारण नही जान पाये। राकेश की मौत एक रहस्य बन कर ही रह गया। 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको गुमनाम आत्मा बनके भटकता राकेश की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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