Real story of annabell doll in hindi | Hindi kahaniya

Real story of annabell doll in hindi | Hindi kahaniya

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कहानी की शुरुवात

एनाबेल की कहानी शुरू हूई 1970 मे जब नर्स की पढाई कर रही डॉना को उसकी माँ ने एक पुरानी गुड़ीया ( antique doll) गिफ्ट मे दी। डॉना को बचपन से ही खिलौने बहुत पसंद थे। खास कर गुड़ीया इसीलिये वो कौलेज मे होने के वाबजूद भी गुड़ीया से खलती थी।

डॉना अपने कौलेज के दिनो के दौरान अपने  दोस्त अन्जी  के साथ एक अपार्टमेंट मे रहती थी। डॉना अपनी मां के गिफ्ट से बहुत खुश थी। वह कौलेज से वापस आ कर उस डॉल से खुब सारी बाते करती और उसे अपने साथ ही सुला लेती थी। 

कुछ दिनो बाद एक दिन डॉना जब कॉलेज से वापस आई तो उसने देखा की डॉल सोफे पे पड़ा हुआ है। लेकिन जहाँ तक उसे याद था वो डॉल को कमरे मे विस्तर पे रख कर कॉलेज गई थी। उसने ये बात अपनी दोस्त अन्जी को बताई। तभी अन्जी ने कहा मैने भी नोटिस किया है की यह डॉल अपने आप एक जगह से दुसरे जगह आ जाती है। 【Hindi kahani】

उस दिन से उन दोनो दे उस डॉल पर नज़र रखनी शुरू कर दी। वो दोनो जब कॉलेज जाती  तो डॉल को बिस्तर पे रख देती लेकिन जब वापस आती थी तो डॉल की जगह बदली हूई होती थी। दिन पर दिन यह बढता जा रहा था। कुछ दिनो बाद ये घटनाए और भी डरावनी होनी लगी। एक रात डॉना सो रही थी उसने डॉल को बिस्तर के बगल मे एक कुर्सी पर रखा था अचानक डॉना ने  देर रात कुछ आवाजे सुनी जिसे सुन कर वो जाग गई।

जब डॉना से आंख खोली उसे लगा की डॉल ने उसकी ओर गर्दन घुमाई  डॉल की घुरति हूई आंखे देख कर डॉना डर गई।
उसने डॉल को उठाया और बाहर सोफे पर रख कर अपने कमरे मे आ गई। कुछ और दिन बित गये घर मे ऐसे अनहोनी बहुत होनी लगी।

एक दिन जब डॉना और अन्जी जब कॉलेज से वापस आये तो देखा की अपार्टमेंट की कॉरिडोर मे बहुत सारे पेपर पड़ें हुए थे। जिस पर बच्चे की हैण्ड राइटिंग मे लिखा हुआ था हेप्ल मी  और कॉरिडोर के अंत मे डॉना की डॉल थी जो की अन्जी के कमरे के दरवाजे से सटी हूई थी। डॉना और अन्जी  काफी डर गई थी। डॉना जब डॉल के करीब गई उसकी आंखे फटी की फटी रह गई। उसने देखा की डॉल के मुह पर खुन लगा हुआ है और उसके बाल परी तरह खुन से सने हुए हैं। 【Horror story in hindi】 

ऐनाबेल कौन थी ?

इस घटना के तुरंत बाद ही दोनो ने चर्च के प्रीस्ट (पुजारी) को बुला लिया जिसने बताया की इस डॉल मे आत्मा है। जब प्रीस्ट ने आत्मा से बात की तो आत्मा ने बताया की उसका नाम एनबेल हिगित्स है। वह सात साल की बच्ची है जो की डॉना और अन्जी के अपार्टमेंट के निचे एक सडक दुर्घटना मे मारी गई थी। एनबेल ने यह भी बतया की वह डॉना और अन्जी के साथ सुरक्षित महसूस करती है।

डॉना और अन्जी को उसकी कहानी सुन कर बहुत दुख हुआ और उन्होने उस anna bell doll को अपने साथ रखने का फैसला किया।  डॉना को लगा की सात साल की बच्ची किसी को क्या नुकसान पहुचायेगी उसे यह नही पता था की उसकी बात जल्दी ही गलत साबित होने वाली थी। अन्जी का एक बॉयफ्रेंड था जिसका नाम लुक था वह कभी कभी अन्जी के साथ रहने आता था। जब अन्जी से लुक को anna bell doll के बारे मे बतया तो उसने कहा उसे वह डॉल शुरू से ही बहुत अजीब लगती है। डॉना और अन्जी को उस डॉल को अपने साथ नही रखना चाहिये। 

लेकिन डॉना और अन्जी ने लूक की बात नही मानी। एक रात जब लूक सो रहा था। अचानक उसकी आंख खुली और उसने मेहसूस किया की वह अपने  शरीर को हिला नही पा रहा है। लूक घबरा गया तभी उसे एक बच्ची की जोर जोर से हसने की आवाज सुनाई दी। जब उसने अपने पैरो की ओर देखा तो वहां anna bell खडी थी जो देखते ही देखते उसके छाती पर आ बैठी और उसका गला जोर जोर से दबाने लगी। 

लूक इतना डर गया था की वो बेहोस हो गया। जब सुबह लूक उठा तो उसने देखा anna bell तो अपने कमरे मे है। उसे समझ नही आ रहा था की रात को जो कुछ भी उसके साथ हुआ है। क्या वो सच था या झूठ। 【Moral stories in Hindi】

लूक और अन्जी अपार्टमेंट मे अकेले थे। अचानक डॉना के कमरे से बहुत तेज कुछ गिरने की आवाज आई। अन्जी को लगा की कोई चोर घुस आया है। लूक दौड़ कर डॉना के कमरे मे गया पर वहा कोई नही था सिवाय उस anna bell doll के जो की फर्श पे हूई थी। लूक को बच्ची के हसने की आवाज सनई दी जो की रात को उसने सुना था। उसे लगा उसके पीछे कोई है लूक पिछे मुडता है लेकिन वहा कोई नही रहता।

अचानक लूक को सीने मे बहुत तेज दर्द होने लगा जब लूक ने अपनी छाती को हाथ लगाया तो छाती से खुन निकल रहा था। तभी अन्जी वहा आ गई और उसने लूक की छाती देखी तो उसके छाती पर खरोचने के निशान थे। ऐसा लग था था की लूक की किसी ने जोर जोर से नाखून से खरोचा है।

इस घटना को देख कर डॉना और अन्जी  को लगा की चीजे बहुत बिगड़ रही हैं। इसिलिए उन्होने ने महसूर परानोर्मल लौरेल और एडलौरेल की मदद ली। उनकी इन्वेस्टीगेसन से पता चला की उस डॉल मे आत्मा है। वह कोई बच्ची की नही बल्कि वह एक सैतान है। जो की बच्ची का नाटक कर रहा था। उसका मकसद प्यार पाना नही बल्कि डॉना के शरीर पर कब्जा करना था।

लौरेंस ने उस घर को शुद्ध कर दिया और उस  anna bell doll को अपने साथ ले कर चले गये। 

ऐनाबेल ने लौरेन और एडलौरेन को कैसे परेशान किया। 

लौरेन और एडलौरेन अपनी गाड़ी मे बैठ कर अपनी घर की तरफ चल पडे  उन्होने डॉल को गाड़ी की पिछली सीट पर रखा था। आधे रास्ते जाते ही गाड़ी की कभी ब्रेक फैल हो रही थी तो कभी गाड़ी की अपने आप इधर उधर मुडने लग रहा था। एक बार तो गाड़ी इतनी तेज हिलने लगी की लौरेन संभाल ही नही पा रहे थे। लौरेन समझ चुके थे की ये सब उस anna bell doll के कारन हो रहा है। 【Horror story in Hindi】

लौरेन ने जैसे तैसे गाड़ी को रोका और holly water (मंत्र पढा हुआ शुद्ध पानी)  उस डॉल पर छिडका जिसके बाद गाड़ी ठीक से चलने लगी और दोनो सुरक्षत घर पहुँच गये।

शुरुआत के दिनो मे उन्होंने नोटीस किया की anna bell अपने आप घर के दुसरे कोने मे पहुच जाती थी। कभी हाल मे, कभी किचन मे कभी बेडरुम मे ।  एक बार एडलौरेन की नज़र उसकी बेटी पर गई जो की अपने कमरे मे थी। वह कोई लड़की से बात कर रही थी और anna bell उसके पास कुर्सि पे पडी थी।

एडलौरेन से डॉल को देखा ही था की डॉल ने अपनी गर्दन घुमा कर एडलौरेन को घूरकर देखने लगी की तभी कमरे का दरवाजा बहुत जोर से बन्द हो गया। एडलौरेन भगती हूई अपनी बेटी के कमरे के पास गई और दरवाज़ा खोलने का परयास करने लगी दरवाजा नही खुल रहा था। तभी एडलौरेन ने कुछ मंत्र पढा और दरवाजा खुल गया। दरवाज़ा खुलते ही उसने देखा की उसकी बेटी बेहोस हो चुकी है और डॉल उसके  पास मे ही पडी हूई है।

ये सब देख कर एडलौरेन बहुत परेसान हो गई। जब उसकी बेटी को होस आया तो उसने बताया की वह anna bell नाम एक लड़की से बात कर रही थी। और अचानक बेहोश हो गई। उस दिन लौरेन के साथ भी कुछ अजीब हुआ। जब वह अपने कमरे मे सो रहा था तो अचानक उसे एक बच्ची के हसने की आवाज आई। लौरेन उठ कर कमरे से बाहर आया और वह किचन की ओर गया उसने देखा की फ्रिज के पास एक लड़की बैठी हूई है।

जब लौरेन ने उसे देखा तब वो लड़की तेजी से उठ कर पर्दे के पीछे जा कर छुप गई। लौरेन अब उसकी परछाई और उसके पैर ही देख पा रहा था। लड़की की हाथ मे एक डॉल थी। लौरेन ने holly water अपने हाथ मे लिया और पर्दे की और बढ़ने लगा । तभी पीछे से उसके कन्धे पे किसी ने हाथ रखा। उसे देख लौरेन चिला उठा। जब उसने पीछे देखा तो एडलौरेन खडी थी जो की किचन मे देखने आई थी। जब लौरेन ने पर्दे की ओर देखा तो वहा कोई नही था।

लौरेन ने अगले ही दिन चर्च से prist को डॉल से आत्मा को मुक्ति दिलाने के लिये बुलाया ।  prist ने उस डॉल को अपने हाथ मे उठा कर बोला तुम सिर्फ एक डॉल हो तुम किसी का कुछ नही उखाड़ सकती । लौरेन ने prist को बोला की उसे यह बात नही बोलनी चाहिये थी।

annabelle doll konsi museum mein hai? | Hindi kahaniya

क्युंकि लौरेन का मनाना था की priest ने ये बात बोल कर  anna bell को गुस्सा दिला दिया था। कुछ घंटो बाद लौरेन कल फ़ोन आया की वो prist एक भयानक रोड हादसे मे मरते मरते बच्चा है। इस घटना के बाद लौरेन्स से उस डॉल को एक स्पैशल लकडी की बक्से मे बन्द कर दिया और उसे अपने occult museum मे रख दिया। लौरेन अपने जीवन ने काफी अजीबो गरीब चीज़ो के बिच रहे थे। लेकिन anna bell उन सभी से बहुत डरावनी थी। चाहे कोई भी इंसान क्यू ना हो वो उसे बहुत बुरी तरह चोट पहुचा सकती थी।

इसी लिये लौरेन से उसे एक लड़की के लॉकर मे बन्द कर दिया और म्यूजियम मे रख दिया ।

निष्कर्ष

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  Real story of annabell doll in hindi|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।
और रोमांचिक कहानियां है निचे पढ़े।

धन्यवाद। 

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