कभी नही थे train के टिकट के पैसे आज है करोड़ो की company के मालिक|prem ganapathy story in hindi

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आज हम जिस व्यक्ति की कहानी पढ़ने वाले हैं। उनका नाम है प्रेम गणपति। सायद आप उनको उनके नाम से नहीं जानते होंगे पर आप सब dosa plazza को तो जानते ही होंगे।
 
prem  ganpaty dosa plazza के फाऊंडर है।  गरीबी को हरा कर करोड़ों के मालिक कैसे बने prem  ganpathy, आज पूरी दुनिया मे उनका व्यापार फैला हुआ है।  
 

prem ganapathy story in hindi की शुरुआत

प्रेम गणपति का जन्म नगरपूरम तमिलनाडु मे हुआ था। उनके पिता जी एक किसान थे और उनकी मां एक गृहणी थी। 

प्रेम गणपति के आस पास का माहौल यह था की 8वी या 10वी आते आते सभी बच्चे काम पर लग जाते थे। कोई रेस्तराँ मे तो कोई कॉफ़ी शॉप मे सभी लोग कही ना कही काम पर लग जाते थे।

प्रेम भी एक कॉफी शॉप मे काम पर लग गया। वह जहां काम करते थे वहां पर एक दिन उनकी मुलाकात होती है एक आदमी से जो मुंबई से आये थे। 

प्रेम जीवन मे आगे बढ़ने के लिये मुंबई जाना चाहता था। बातो ही बातो मे उस आदमी ने उसे मुंबई ले जाने और काम दिलाने की बात कही ।

 प्रेम गणपति मान गये और उस आदमी के साथ मुंबई चले गये। उस समय उनकी उम्र थी केवल 17 साल। 

मतलबी दुनिया से सामना|prem ganapathy story in hindi

मुंबई पहूंचते ही प्रेम गणपति के लिये सारे हालात बदल गये। मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर प्रेम जिस आदमी के साथ आये थे उनसे अलग हो जाते हैं।

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 प्रेम बहुत डर जाते है वह बहुत कोशिश करते हैं उस आदमी को ढूंढने की लेकिन वह नही मिलता है।

 प्रेम को हिन्दी भी नहीं आती थी। उनको कोई मुंबई मे जानता भी नही था। और प्रेम के पास इतने पैसे भी नही थे की वह ट्रेन की टिकट ले सके और अपने शहर जा पाये।

प्रेम की मुलाकात एक तमिल आदमी से होती है जो की तमिल बोल सकते थे। वह उस आदमी को सारी बाते बताते हैं। वह भला आदमी उनको एक मंदिर के पास ले जाता है और उन्हे हिम्मत देता है।

वह कहता है मै तुम्हारा टिकट करा देता हूं। चिंता मत करो तुम घर पहूंच जाओगे। यह सुनने के बाद प्रेम बहुत खुश हुआ।

तभी प्रेम जी के मन मे एक सवाल आया। मुझे खुशी किस बात की है? मै अभी ही अपने घर से आया हूं मुझे यहां काम सिर्फ वही आदमी दिला सकता है जिसने मुझे यहां लाया है ऐसा तो नही है।

प्रेम गणपति ने उस तमिल आदमी से कहा आपका बहुत धन्यवाद आपने मेरी करनी चाही। 

लेकिन मै अब यही रहूँगा और काम करूंगा। वह काम ढूंढने मे लग गये। बहुत ढूंढने के बाद उन्हे एक बेकरी शॉप पर बर्तन धोने का काम मिला।

प्रेम गणपति ने उस काम को कर लिया क्युंकि उनके पास और कोई चारा नही था। कुछ दिन काम करने के बाद वह एक चाय शॉप पर काम करने लगे। 

वहां वह एक वेटर के तौर पर काम करने लगे ग्राहको से मिलने जुलने लगे। ग्राहक उनसे बहुत खुश रहते थे। वह प्रेम को खोजते थे। सबसे ज्यादा tip भी उन्हे ही मिलती थी। प्रेम ग्राहको को समझने लगे थे।

उन्ही ग्राहको मे से एक आदमी ने प्रेम गणपति को एक ऑफ़र दिया और कहा हम पार्टनरशिप पर एक tea stall खोलते हैं। प्रेम से ऑफ़र स्वीकार किया।

पार्टनरशिप पर stall खुला और वह चाय stall चल पड़ा लोग आने लगे। लोगो को पसंद आने लगी यहां की चाय। 

पैसे आने लगे तभी प्रेम के पार्टनर के सोचा मै इसे पैसे क्यूं दूँ उसने प्रेम से पार्टनरशिप तोड़ दी और उन्हे बाहर निकाल दिया। उसकी जगह उसने वेतन पर एक आदमी रख लिया।

प्रेम गणपत इस चिज से सीखते है और वह समझ गये थे की वह एक बिज़नेस चला सकते हैं। 

Dosa plaza की शूरुआत

उन्होने कुछ पैसे बचाए थे जो की 1000 रूपय थे। उन्होने उस पैसे से एक इडली,ढोसा का एक ठेला लगाया। उन्होने सबसे पहले मुंबई के Vashi  मे अपना ठेला लगाया।

धीरे धीरे लोगो को प्रेम का धोसा पसंद आने लगा था। लोग आने लगे लोगो की भीड होने लगी थी। पैसा आने लगा था लेकिन तभी muncipality ने उन्हे परेशान करना शुरु कर दिया।

अब प्रेम गणपत को एक स्थाई जगह की जरुरत थी। उन्होने एक जगह को रेंट पर लिया और उसमे अपनी दुकान खोली जिसका नाम रखा प्रेम गणपति साउथ इंडियन फास्ट फूड बाद मे इसे बदल कर ढोसा प्लाजा कर दिया।

ग्राहको को Dhosa plaza owner success story का ढोसा बहुत पसंद आने लगा था। उनकी दुकान चल पडी खुब पैसा आने लगा। 

तब प्रेम जी ने सोचा अब मै क्या कर सकता हूं लोगो को और क्या दे सकता हूं। तब उन्होने ढोसा के साथ एक्सपेरिमेंट करना शुरु किया।

वह ढोसा के अंदर पनीर, चौमीन, मंचूरियन इत्यादि। जैसे अलग अलग चीजो के साथ उन्होने 27 तरह का ढोसा बनाया। यह अब अपनी variety के कारन और फ़ेमस होने लगे। धंधा और तेजी से चल पड़ा।

 तभी उन्हे किसी ने सलाह दी की यहां एक सेंटर मॉल खुला है अगर आप अपनी शॉप को वहां खोलते है तो आपको बहुत फायदा हो सकता है।

उन्होने यह कदम भी उठाया और धीरे धीरे उनका यह कदम भी सफल रहा। लोग अब इनसे जुड़ना चाहते थे। इनसे फ्रेंचाइजी लेने की बाते करने लगे। 

अब ढोसा प्लाज़ा की कमाई करोड़ों मे होती थी। अब investor भी आने लगे थे। धीरे धीरे पुरे भारत मे Dosa plaza फैलने लगा। 

कुछ समय बाद  Dosa plaza     Australia,uk,newzland,Dubai, Singapore जैसे बड़े बड़े देशो मे। आज ढोसा प्लाज़ा पूरी दुनिया मे है।

 आज Dosa plaza की कमाई करोडो मे होती है। लाखो लोग इसे जुड़े हुए हैं। हजारो लोग Dosa plaza मे काम करते हैं। 

Dosa plaza owner net worth 

Sources के मुताबिक प्रेम गणपति का net worth करीबन Rs.30 करोड़ के आस-पास होगा।

prem ganapathy wife

अभी प्रेम गणपति की उम्र 47 साल है पर फिर भी उन्हों ने शादी नही की है वो अभी भी bachelor ही है।

Dosa plaza branches in india and abroad

Dosa plaza  के भारत मे 59 outlets है और internationally 8 outlets है जिसमे से 2 new zealand में है और बाकी 6 other countries में है।

एक समय ऐसा था जब प्रेम गणपति के पास ट्रैन को टिकट के पैसे नही थे। आज वह पूरी दुनिया घूमते हैं।

 अगर उस दिन वह 17 साल का लड़का हार मान कर अपने गांव चला जाता तो यह सब कभी नही होता।

सीख:- जिन्दगी मे कई कठिनाइयाँ आती है लेकिन जो लोग उन कठिनाइयो से हार नही मानते वही आगे जाते है और सफल बनते हैं। इसिलिए काम करते जाओ कभी हार मत मानो।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको कभी नही थे train के टिकट के पैसे आज है करोड़ो की company के मालिक की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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