वरुण बरनवाल की IAS बनने की कहानी | success story of ias in hindi 2021

वो कहते है ना दोस्तों जब इंसान खुद की मदद करने की ठान लेता है, तब भगवान भी उसकी मदद करते हैं। ऐसे ही कहानी है IAS varun की कहानी जिन्होंने अपने जीवन आये मुस्किलो और गरीबी को मात दिया और आईएएस बन कर दिखाया।

The success story of IAS in Hindi 2021


वरुण बरनवाल का जीवन उनलोगों के लिए बहुत प्रेरणादायक है जो अपने जीवन मे आए मुश्किलों से हार मान लेते हैं ,अपने सपनों को छोड़ देते हैं। वरुण बरनवाल ने अपने जीवन मे अत्यंत गरीबी देखी और उसका सामना भी किया। अपने इसी अंदाज से उन्होंने अपने जीवन को बदल दिया और साथ साथ उन्होंने कई लोगों के भी जीवन बदल दिए। आगे जानते है आईएएस वरुण बरनवाल की सफलता की कहानी


वरुण बरनवाल बोइसार गांव के रहने वाले हैं, यह गांव महाराष्ट्र के पालघर जिले मे स्थित है। वरुण का जन्म एक गरीब परिवार मे हुआ था। उनके पिता एक साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे, वह इस दुकान से इतना कमा लेते थे कि अपने परिवार चलाने के साथ साथ वह अपने बेटे और बेटी की पढ़ाई का भी खर्चा उठा लेते थे।

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2006 मे वरुण की 10वी की परिक्षा खत्म हुई उसके कुछ दिन बाद ही उनके पिता का निधन हो गया। यह घटना पूरे परिवार के लिए बहुत shocking था। पिता के जाने के बाद वरुण ने मन बना लिया था की वह पढ़ाई छोड़ देंगे और दुकान चलाएंगे। इस बीच उनकी 10वी की रिजल्ट आ गई। जब रिजल्ट आया तब वरुण अपने पूरे स्कूल मे top थे।

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यह बात जब उन्होंने अपनी मां को बताया तब उनकी मां ने कहा हम सब काम करेंगे तुम पढ़ाई करो। उस समय उनके area मे जो कॉलेज था वहाँ admission लेने के लिए 10000 रुपये donation लगता था। पैसे ना होने के कारण वह पढ़ाई छोड़ रहे थे। एक दिन वरुण और उनकी मां अपने cycle की दुकान के बाहर बैठ कर बात कर रहे थे, तभी वहाँ से वो डॉक्टर गुजर रहे थे जो उनके पिता का treatment करते थे। वह अपने बच्चे का दाखिला कराने जा रहे थे। उन्होंने वरुण को देखा और वह रुक गए।

उन्होंने वरुण बरनवाल से बातें की और बातों ही बातों मे वरूण ने अपनी परेशानी उन्हें बताई, उस समय डॉक्टर ने अपने जेब से 10 हजार रुपये निकाले और वरुण को दिया और कहा जाओ अपना दाखिला कराओ और अपनी पढ़ाई पूरी करो।

पैसे मिलने के बाद उन्होंने अपना दाखिला कॉलेज मे करा लिया, कॉलेज का फीस 600 रुपये महीना था ,तब उन्होंने सोचा कि मैं कॉलेज मे अच्छा मार्क्स ले कर आऊंगा और प्रिंसिपल से विनती करूंगा कि वह मेरी फीस माफ़ कर दे। जब यह बात उनके टीचर को पता चली तब 2 साल का फीस उनके teachers ने ही भरा।

इस दौरान उनका जो दिनचर्या होता था, वह सुबह 7 बजे से 1 बजे तक कॉलेज मे रहते थे। 2 बजे से 10 बजे तक ट्यूशन पढ़ाते थे और 10 बजे वह अपने दुकान पर जाते और सारा हिसाब कर के दुकान बंद कर घर जाते थे।

इन दिनों उनकी बहन स्कूल और ट्यूशन पढ़ाती थी और उनकी मां दुकान चलाती थी।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई कैसे हुई?| IAS motivational story in hindi 2021


अपना 11th 12th करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग करने का सोचा और इसके लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की entrance exam दिया। यहां भी वह सफल रहे 200 मे से उन्होंने 180 नंबर लाया। लेकिन इंजीनियरिंग मे बहुत पैसे लगते हैं।

वरुण कहते हैं कि मेरे इंजीनियरिंग की पहले year के लिए उनके पास पैसे थे, उनकी मां ने 2 साल मे कुछ पैसे बचाए थे, उनकी बहन भी काम करती थी और उनकी खुद की भी सैलरी थी। सभी को मिला कर उन्होंने इंजीनियरिंग मे admission ले लिया और 1st year की फीस भर दिया। 1st year का जब परीक्षा हुआ तब उन्होंने 86% लाया जो की उस समय का रिकार्ड था।

इसके बाद वरुण सभी टीचर के नजरों मे आ गए। मैथेमेटिक्स department की एक प्रोफेसर माधवीलता ने वरुण को राखी बांधी, वरुण ने अपनी सारी situation उन्हें बताया। उन्होंने उनकी family situation सारे प्रोफेसर और डीन को बताया। इसी बीच उनके दूसरे साल की फीस भरना था । लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे तब उनके दोस्तों ने उनकी दूसरे साल की फीस भरी । तीसरे साल की फीस कॉलेज ने माफ़ किया और इस तरह उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग पूरी की वह इंजीनियरिंग मे यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट थे।

इंजीनियर से IAS कैसे बने ?


इंजीनियरिंग के बाद उनको अच्छा placement भी मिला लेकिन उन्होंने कॉर्पोरेट का जॉब छोड़ दिया क्यूंकि उन्हें पब्लिक सेक्टर मे जाना था। इसीलिए उन्होंने gate का exam दिया और वह भी उन्होंने clear कर लिया था। इसी बीच जब उन्होंने लोगों से बात किया तब लोगों ने कहा तुम IES की तैयारी क्यूँ नहीं करते, तब उन्होंने IES की तैयारी शुरू कर दी ।

इसी बीच उनकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई तब उन्होंने बताया कि तुम्हारा academics इतना अच्छा है तुम civil services की तैयारी क्यूँ नहीं करते, यह तो IES से भी बड़ी position है। यह सुनते ही उन्होंने जनवरी 2013 मे फैसला किया कि वह सिविल सर्विस की तैयारी शुरू करेंगे। मई 2013 मे उन्होने prelims देना का सोचा। इस बीच उनके पास सिर्फ चार महीने थे तैयारी करने के लिए ।

चार महीने मे UPSE prelims की तैयारी कैसे किया?


Ias varun banarwal इसके बारे में बताते हैं कि उन्होंने चार महीने मे prelims दिया और उसे clear किया था। इन चार महीने मे वह सिर्फ सिलेक्टिव और focused पढ़ाई करते थे। उन्होंने सभी सब्जेक्ट पर ध्यान नहीं दिया था। उन्होंने कुछ subjects को side किया news पेपर को ज्यादा पढा और जो Technical terms होते थे वह उन सभी का नोट बनाते थे और उसे internet पर सर्च करते थे।

Prelims clear होने के बाद उन्होंने mains की तैयारी शुरू कर दिया। mains मे आपको एक optional subject लेना होता है तब political science को optional रखा और पढ़ाई चालू रखी।

दिसम्बर मे जब वरुण ने GS1 और GS2 का exam दिया, exam देने के बाद जब रिजल्ट आया तब वरुण का rank 32 था। इस तरह उन्होंने अपना mains भी clear कर लिया था।

Civil services इंटरव्यू


Exam clear करने के बाद उन्होंने इंटरव्यू दिया और वह IAS बने। इस time को याद करते हुए वरुण कहते हैं कि मैंने बहुत पढ़ाई नहीं किया था बाकी लोगों के पास subjects का ज्ञान होगा लेकिन मैंने जनवरी मे ही पढ़ाई चालू किया था मेरे पास उतना ज्ञान नहीं था। इस लिए मैं थोड़ा घबराया हुआ था। लेकिन जब मैंने इंटरव्यू दिया वह बहुत ही अच्छा था और अंदर का माहौल भी बहुत खुशनुमा था। इंटरव्यू के बाद वरुण बरनवाल को बतौर IAS अधिकारी चुना गया।

अपने कठिन दिनों को याद करते हुए और उसके बारे मे बात करते हुए उन्होंने एक इंटरव्यू मे कहा “मेरी माँ ने बहुत मेहनत किया है हमारे परिवार को चलाने के लिए, मेरी सारी सफलता का श्रेय मेरी माँ को jaata है। “

FAQ

IAS का फुल फॉर्म क्या होता है ?

The Indian Administration Service. IAS, को हिंदी में “भारतीय प्रशासनिक सेवा” कहा जाता है।

IAS का सैलरी कितना होता है ?

100000+, 7th pay commission के अनुसार एक एक आईएएस ऑफिसर की basic सैलरी rs 56100 होती है। इसके साथ साथ उन्हें सरकार की तरफ से कई allowance भी दिया जाता है। जैसे ट्रेवल अलाउंस ,dearness अलाउंस। अगर सभी को मिला कर देखा जाए तो एक रिपोर्ट के अनुसार ,आईएएस की सैलरी १ लाख से भी ज्यादा होता है।

what is the full form of ips?

Indian police service, जिसे हम भारतीय पुलिस सेवा भी कहते हैं।

what is the qualification for ias ?

graduation ,अगर educational qualification की बात करे तो एक आईएएस बनने के लिए आपका graduation क्लियर होना चाहिए।

who is the youngest ias officer of india?

ansar shaikh, 21 साल की उम्र में ही आईएएस बन गए अंसार शेख।

क्या आईएएस के पास gun होता है ?

सरकार आईएएस अफसर को gun alloatte नहीं करती हैं ,लेकिन वह अपना licensed gun रख सकते हैं। सरकार सुरक्षा के लिए एक ias को 2 बॉडीगार्ड और 3 होमगार्ड देती है।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की वरुण बरनवाल की IAS बनने की कहानी | success story of IAS in Hindi 2021 में  की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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