Boroplus को कौन सी company बनाती है| emami success story

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Emami का इतिहास | History of emami company

emami के products आज हर घर मे आपको देखने को मिल जायेंगे। emami company की इतिहास बहुत ही दिलचस्प है।emami का headquater कोलकाता मे है। emami आज बड़ी कंपनीयो मे शामिल है। छोटे तौर पर दो दोस्तो द्वारा शुरुआत की गई  यह कंपनी आज पूरी दुनिया मे फैला हुआ है। emami की शुरुआत कोलकाता से हुई थी।

कैसे मिले Radheshyam Agarwal और Radheshyam goenka ?

यह कक्षा 5 की बात है जब राधेश्याम गोएनका ने माहेश्वरी विद्यालय मे दाखिला लिया था।

 राधेश्याम अग्रवाल भी उसी विद्यालय मे पढते थे। राधेश्याम गोएनका,राधेश्याम अग्रवाल से एक क्लास जूनियर थे। दोनो एक ही स्कूल मे थे लेकिन क्लास अलग था। 

हरीराम पोद्दार जो की अग्रवाल का दोस्त था दोनो एक ही क्लास मे थे। वही हरीराम पोद्दार राधेश्याम गोएनका का पडोसी था। 

हरीराम पोद्दार ने ही राधेश्याम अग्रवाल और राधेश्याम गोएनका को मिलाया था। 

दोनो की दोस्ती हो गई,कुछ समय मे ही दोनो बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे। दोनो एक दुसरे के घर आने जाने लगे। यह दोस्ती दिन पर दिन गहरी होती चली गई।

राधेश्याम अग्रवाल ने 1964 मे अपना b.com खत्म किया और डिग्री हासिल कर किया।

 उसके बाद उन्होने c.a की पढ़ाई की जिसको पहली बार मे ही अपने छमता पर ca भी क्लियर कर लिया।

गोएनका ने अपनी b.com की डिग्री एक साल पीछे लिया,उसके बाद उन्होने llb और mba करने के लिये कॉलेज मे दाखिला ले लिया। 

 बाद मे अग्रवाल ने अपनी लॉ की पढ़ाई के लिये st. Xavier’s college मे दाखिला ले लिया।

1968 मे दोनो ने अपनी पढ़ाई पूरी की। दोनो कॉलेज के दिनो से ही अपने आइडिया को एक दुसरे के साथ बाटा करते थे। 

कॉलेज के बाहर गली मे एक किताब की दुकान पर दोनो काफी समय गुजारा करते थे। 

दोनो दोस्त का पहला buisness | emami success story

दोनो ने कॉलेज मे रहते हुए कई बिज़नेस किये। जैसे कभी इसबुल तो कभी toothpick पैक कर के बेचने का काम,कभी ludo गेम ko बोर्ड पर चिपका kar खुद ही पैक कर रिक्शा पर ले कर दुकानो मे बेचने का काम भी किया।

 लेकिन यह सभी कोशिशे दोनो दोस्तो की असफल हो जाती थी जिसका कारण था पैसे का अभाव, पैसे की कमी के कारण यह सारे व्यापार असफल हो गये थे। 

ऐसा 3 सालो तक चलता रहा दोनो ने कई चीजे करने की कोशिश की।

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तभी राधेश्याम गोएनका के पिता केसरदेव  ने दोनो की मेहनत और लगन देखते हुए। 20000 रूपय दिये । जो उस समय एक बहुत ही अच्छी रकम थी। 

पैसे आने के बाद दोनो दोस्तो ने 50-50 पार्टनरशीप पर kemco chemicals की शुरुआत की। यह व्यापर उधार पर चलता था।

 शुरुआत मे दोनो ने बहुत ही लगन से किया लेकिन सही से हिसाब नही रखने के कारन दोनो के पास कोई पैसे ही नही बचे थे बिज़नेस को आगे चलाने के लिये।

हाल यह हो गया था की बिज़नेस को बंद करने की नौबत आ गई थी। 

लेकिन एक बार फिर केशरदेव ने उनको समझाया और कहा मै एक लाख रूपय और देने को तैयार हूं, अगर तुम दोनो मुसीबतों से नही भगोगे तब।

एक बार kemco chemicals की नई शुरुआत हुई। 1968 से 1978 के बिच कंपनी अच्छी चल रही थी। वह सस्ते cosmetics की repackaging कर के बाज़ार मे बेचते थे। 

उस समय बुलबुल,कान्ति स्नो, पोमदे और poor man’s vaseline cosmetics मर्केट मे खुब बिकते थे।

 लेकिन दोनो दोस्तो को इसपे बहुत कम प्रॉफिट होता था,क्युंकि products पर मर्गिन बहुत कम होता था।

वह एक कार्टून products किसी wholeseller को बेचते थे तब उन्हे 36 रुपय का फायदा होता था। 

और एक दर्जन पर 3 रूपय की आमदनी। ऐसा ही कुछ सालो तक चलता रहा। इसी बिच दोनो की शादी हो गई।

राधेश्याम अग्रवाल की शादी उषा नाम की लडकी और राधेश्याम गोएनका की शादी सरोज नाम की लडकी से हो गई ।

 शादी के बाद जिमेदारीयां बढ गई और दोनो पर ज्यादा पैसे कमाने की जरुरत हो गई। इसी दौरान दोनो के पास एक बहुत बडा मौका आया बिरला ग्रुप के साथ काम करने का। 

दोनो ने इस जॉब को स्वीकार किया। राधेश्याम अग्रवाल को aditya birla group का vice president बना दिया गया। 

और राधेश्याम गोएनका को kk birla group के income tax department का head बना दिया गया।

दोनो की सैलरी भी अच्छी थी। 5 सालो तक काम करने के बाद दोनो के पास अब बड़ी कंपनी मे काम करने का experience भी था।

 अब वह दोनो बड़े level की बिज़नेस emami success story करना चाहते थे। दोनो ने 5 साल बाद अपना जॉब छोड़ दिया।

emami की शुरुआत कैसे हुई?

उस समय वेदशी नाम वाले brand का बहुत क्रेज था। और विदेशी cosmetics जो बाहर से आते थे उनपर 140% excise duty था।

 जिसके वजह से सभी लोग इसे नही खरीद पाते थे। और सभी कंपनी एक तरह का ही product बनाते थे।

 तब उन्होने सोचा की एक ऐसे कंपनी की शुरुआत करेंगे जिसका नाम विदेशी लगे और उसके products भी विदेशी लगे। इसका ध्यान रखते हुए उन्होने emami company की शुरुआत की।

emami कहां का ब्राण्ड है?

emami नाम से लगता है की वह विदेशी ब्राण्ड है लेकिन असल मे वह एक bhartiya ब्राण्ड है जिसकी शुरुआत कोलकाता मे दो दोस्तो ने की थी।

दोनो दोस्तो ने एक नये company emami के तहत अपने talcum powder, vanishing cream aur cold cream जैसे products बाज़ार मे उतारे। 

देखते ही देखते वह products लोगो के घरो तक पहुचने लगे। लोगो को वह बहुत पसंद real life inspirational stories of success in hindi आने लगा था। emami ने बिना किसी परचार के यह मुकाम हासिल किया था।

emami के products की सफलता का कारन था की उस समय telcum powder एक टीन के डब्बे मे कंपनी का नाम के साथ आते थे। 

लेकिन emami ने टिन के डब्बे के बजाये प्लास्टिक के डब्बे मे अच्छी पैकेजिंग के साथ उतारे थे और उस डब्बे पर अच्छी फोटो प्रिंट की थी।

 उसके color भी बहुत अच्छे थे। ऐसा लगता था की यह विदेश से import किया हुआ है।

उन दोनो product पर mrp लिखना जरुरी नही था। जिसके कारन emami 300 से 400% retail margin से खुब पैसे कमाए। ponds उस समय 10% की retail margin रखता था।

देखते ही देखते emami एक बहुत ही बड़ी कंपनी बन चुकी था। दोनो दोस्तो ने कंपनी के ब्राण्ड और पैकेजिंग पर बहुत काम किया था। 

वह अपने products की परचार (ads) फिल्म जगत के सितारो से करवाने लगे थे। जिसके कारन emami और भी फैलता जा रहा था। लोग उसे पसंद कर रहे थे।

आज emami भारत के साथ साथ 60 से ज्यादा अलग अलग देशो मे मौजूद है और अपना व्यापार कर रहा है।

 emami ने ना केवल cosmetics मे अपने बिज़नेस को फैलाया बल्कि fmcg के साथ साथ और भी अलग अलग क्षेत्रों मे भी emami ने अपना व्यवसाय को फैलाया।

Emami products list

FMCG products
India’s best antiseptic cream boro plus.
India’s largest cool oil navratna oil.

vaso care
India’s most selling balm jhandu balm,fast relief.
chavanprash, jhandu pancharisht ,fairness cream for men fair and handsome deo:- he deodorant, Kesha king oil, emami diamond shine hair colour, emami cocking oil.

emami is the only manufacturer in the western india,news printing और पेपर board जो की eco friendly products बनाता है।

writing instuments (pen pencile etc.) के बिज़नेस मे दुनिया के दुसरे नम्बर पर है emami

real estate मे भी emami आज एक बड़ा कंपनी है। emami के cements भी बाज़ार मे आज मौजूद है। 

art center,creative लोगो के लिये और भी कई सारे क्षेत्रों मे एमामि नी अपने बिज़नेस फैला दिया है।

helathcare, education,pharmacy,retail,book store ,solar power के क्षेत्रों मे भी आज emami अपना व्यवसाय करता है।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको emami success story की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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