भुज the pride of india के असली हीरो विजय कार्णिक |Biography of vijay karnik in hindi

अजय देवगन की फिल्म “Bhuj the pride of india” जो की 13 अगस्त 2021 को रिलीज हुई है।  यह फिल्म एक सच्चे हीरो squadron leader विजय कार्णिक और उनके योगदान, जो की उन्होंने 1971 के युद्ध में दिया था उस पर आधारित है।  इस आर्टिकल मे हम विजय कार्णिक की पूरी कहानी जानेंंगे। ( Biography of vijay karnik in hindi )

Biography of vijay karnik in hindi

नामविजय कार्णिक
पूरा नामविजय कुमार कार्णिक
जन्म दिवस6 नवंबर 1939
जन्म स्थाननागपुर, महाराष्ट्र
Nationalityindian
ReligionHindu
castमहाराष्ट्रीयन चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु community
प्रफेशनरिटायर्ड भारतीय वायुसेना
famous for1971 मे इंडो-पाक युद्ध में योगदान के लिए
यूनिवर्सिटी/कॉलेजनागपुर यूनिवर्सिटी, वर्धा
educayional QualificationBachelor in Science
zodiac signscorpio
Hobbies( शौक)Golf खेलना , घूमना
विजय कार्णिक Bio-Data

विजय कार्णिक की शुरुआती ज़िन्दगी

विजय कार्णिक का पूरा नाम vijay कुमार कार्णिक है। इनका जन्म 6 नवंबर 1939 मे महाराष्ट्र के नागपुर मे हुआ था। । vijay karnik एक हिन्दू हैं वह एक महाराष्ट्रीयन चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु community से ताल्लुक़ रखते हैं। 

विजय कार्णिक की education (शिक्षा)

विजय  की शुरुआती पढ़ाई नागपुर से हुई। जिसके बाद उन्होंने अपनी Bachelor degree पूरी करने के लिए नागपुर यूनिवर्सिटी, वर्धा में दाखिला लिया और वहाँ से Bachelor in Science की डिग्री हासिल की। 

विजय कार्णिक की Height, रंग और अन्य जरूरी बातें

Height5 feet 8 इंच
आंखों का रंगकाला
बालों का रंगसफेद
Physical appearance of vijay karnik

विजय कार्णिक के परिवार में कौन कौन है

माता-पिता (Parents )

विजय के पिता का नाम श्रीनिवास कार्णिक था जो की एक सीनियर सरकारी अधिकारी थे। विजय की माता का नाम ताराबाई कार्णिक था, जो की एक गृहणी थी।

भाई-बहन (Siblings )

Vijay के तीन भाई और एक बहन हैं जिनके नाम हैं विनोद कार्णिक हैं जो की मेजर जनरल है , लक्ष्मण कार्णिक एक विंग कमांडर है, अजय कार्णिक air मार्शल हैं और उनकी बहन का नाम वसंती है।

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Wife and Children

20 फरवरी 1965 मे  Vijay की शादी उषा  कार्णिक से हुई।  उनके दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी, बेटे का नाम पारिख कार्णिक है जो कि times group मे काम करते है।  उनकी बेटी का नाम शालाका कार्णिक है जो कि एक थिएटर ग्रुप की डायरेक्टर है उनके थिएटर का नाम है “we can do it”

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Career

1971 मे इंडो-पाक युद्ध में भी विजय ने अपना पूरा योगदान दिया । 1971 मे हुए युद्ध में विजय ने वो योगदान दिया था जिसे पूरा भारत कभी नहीं भूल पायेगा।

उनकी इसी बहादुरी और जज्बे को पूरा देश सलाम करता है। 1985 मे वह प्रमोट हो कर विंग कमांडर बने और 14 october 1986 मे वह अपनी सर्विस से रिटायर हो गए। 

भारतीय वायुसेना मे योगदान

वायुसेना सर्विस1962-1986
पद (rank)विंग कमांडर (1985-1986)
unit6 squadron
warsSino-indian war
भारत-पाक (1965)
भारत-पाक (1971)
रिटायर्ड14 october 1986
contribution in Indian Air Force

विजय कार्णिक का भारत-पाक युद्ध में योगदान | Pearl harbor moment of india

1971 मे हो रहे भारत-पाक युद्ध के समय कार्णिक bhuj मे बतौर squadron leader posted थे।  उस समय वह भुज एयरपोर्ट के इंचार्ज थे, पूरा एयरपोर्ट उनके under था, war के कारण  भुज एयरपोर्ट को active किया गया था।  लेकिन 8 दिसम्बर 1971 की रात पाकिस्तान ने भुज airbase पर हमला कर दिया। 

पाकिस्तान ने अपने sabre jets  के 8 squadron को भेजा और उन्होंने भुज airbase पर लगातार 14 से अधिक नेपलम बम गिराए । उनका मकसद था भुज airbase को तबाह करना ताकि भारतीय वायुसेना उस airbase को युद्ध के दौरान इस्तेमाल नहीं कर पाए। 


जिसमें वह एक हद तक कामयाब भी हो गए थे। बम की वजह से भुज airbase की सारी हवाई पट्टियां (Airstrips) पूरी तरह से तबाह हो गया था। war मे यह airbase की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी, क्यूंकि यही से भारतीय वायुसेना की फाइटर प्लेन उड़ान भरने वाली थी। लेकिन अटैक के बाद इतना समय नहीं था कि उसे तुरंत ठीक कर दिया जाये और ना ही उतना मैनपावर था। 

उस समय विजय कार्णिक जो की इंचार्ज थे उन्होंने तय किया कि वह भुज airbase की हवाई पट्टियां को ठीक करेंगे और ऑपरेशन के लिए तैयार करेंगे।  इसके लिए उन्होंने गांव के लोगों की मदद लेने का निश्चय किया। कार्णिक अपने 2 सीनियर ऑफिसर के साथ भुज के माधापर गांव मे गए और वहाँ से उन्होंने 300 महिलाओं को भारतीय सेना की मदद करने की गुजारिश की।

जिसके बाद गांव के लोग भारतीय सेना की मदद के लिए आगे आए और 72 घंटों के भीतर भुज airbase की सारी हवाई पट्टियों को फिर से तैयार कर दिया गया और इसे operational किया गया।  जिसके बाद भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन ने उड़ान भरी और पाकिस्तानियों की चिथड़े उड़ा दिए, और भारत यह युद्ध जीत गया। 

युद्ध खत्म होने के बाद , उस समय की मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी ने उन 300 महिलाओं को सम्मानित किया और भारतीय वायुसेना की मदद के लिए उन्हें 50,000 रुपये का रिवार्ड दिया। भुज airbase की हवाई पट्टियों का नाम “pearl harbor moment of india” रखा गया।

Bhuj : The Pride of India

Bhuj : The Pride Of India 15 Aug 2021 को रिलीज हो रही हैं।  इस फिल्म की भूषण कुमार ने 19 मार्च 2019 मे घोषणा किया था कि वह अजय देवगन के साथ मिलकर एक फिल्म बना रहे हैं, जो की squadron leader vijay karnik के ऊपर आधारित है। कैसे विजय कार्णिक ने 1971 मे इंडो-पाक युद्ध में 300 महिलाओं के साथ मिल कर भुज एयरपोर्ट की पट्टियों को 72 घंटों मे फिर से बनाया था। 

Bhuj : The Pride of India Trailer

Bhuj : The Pride of India यहाँ देखे पूरी Movie

Bhuj full star cast real names

विजय कार्णिक के बारे में latest news

FAQ

Q : Bhuj the pride of india फिल्म का डायरेक्ट कौन है?

A: Abhishek Dudahiya (अभिषेक दूदहीया ) Bhuj : The Pride of India के Director है

Q: भुज फिल्म किस पर आधारित है?

A: squadron leader vijay karnik के जीवन और उनके योगदान पर यह फिल्म आधारित है।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको भुज the pride of india के असली हीरो विजय कार्णिक |Biography of vijay karnik in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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