प्यार के लिए 6000 km पार कर पहुँच गया प्रेमी europe|प्यार की कहानी इन हिंदी

प्यार की कहानी इन हिंदी

एक ऐसा भारतीय जो अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए पार कर गया 7 समुन्दर और जा पहुँचा europe वो भी cycle पर।

प्यार की कहानी इन हिंदी की शूरुआत

प्रतियुमन कुमार महानंदीया का जन्म 1949 मे ओडिशा के एक छोटे से गांव कांधापड़ा मे हुआ था ।

प्रतीयुमन का जन्म एक गरीब दलित परिवार मे हुआ था। प्रतियुमन को बचपन से ही कला मे बहुत रुचि थी।

उन्होने अपनी शुरुआती शिक्षा महिंद्रा हाई स्कूल से ली जो की अथमल्लीक मे थी।

प्रतीयुमन को बचपन मे जात पात का बहुत सामना करना पड़ा था। उन्हे स्कूल मे क्लास के बाहर बैठाया जाता था।

बच्चे इनके घर पत्थर मारा करते थे। इतनी मुस्किलो के होने के बावजूद प्रतीयुमन नई नई चीजे सीखते रहते थे और जीवन मे आगे बढ़ते रहते थे।

प्रतीयुमन जब पैदा हुए थे तब ज्योत्सी से भविष्य वाणी की थी की उनकी शादी लव मैरिज होगी, और लडकी बहुत दूर की रहने वाली होगी जो की एक जंगल की मालिक होगी, जो flute बजाती हो और जिसकी राशि वृष होगी।

प्रतीयुमन कला (art) की पढ़ाई करना चाहते थे। लेकिन पैसो की कमी होने के कारन उन्हे अच्छे आर्ट कॉलेज मे सिलेक्शन होने के बाद भी, वह उस कॉलेज मे दाखिला नही ले पाये।

प्रतियुमन की काबिलियत को देखते हुए ओडिशा सरकार ने उनकी मदद की जिसकी वजह उन्हे Delhi college of arts and commerce मे उन्हे पढ़ाई करने का मौका मिला।

प्रतीयुमन को दिल्ली के कॉलेज मे दाखिला तो मिल गया था लेकिन दिल्ली मे रहने के लिये उनके पास कोई जगह नही थी।

जिसकी वजह से वह foothpath पर ही सो जाते थे और पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल किया करते थे। प्रतीयुमन कहते हैं मैनें सडकों पर लोगो के बिच रह कर बहुत कुछ सिखा है।

कॉलेज खत्म होने के बाद वह दिल्ली की क प्लेस पर जाया करते थे और वहां लोगो की potrait बनाया करते थे जिसके बदले उन्हे कुछ पैसे मिल जाया करते थे।

popularity की ओर पहला कदम।।।

यह बात उस समय की है जब valentina tereshkova इंडिया आई थी। प्रतियुमन कहते हैं जब इंद्रा गांधी ने valentina tereshkova को भारत आने का आमंत्रण दिया था।

जब valentina tereshkova भारत आई तब पुलिस को उनकी गार्ड कर रही थी लोगो की भीड़ valentina tereshkova को देखने के लिये उमडी थी।

मैने जैसे तैसे कर भीड़ मे घुस गया और मैने आमने सामने valentina tereshkova को देखा। उन्होने मुझे देख एक स्माइल दी।

उसके बाद मुझे indo-soviet सरकार की ओर से पार्लियामेंट क्लब मे आने का आमंत्रण मिला।

मै वहां गया और मैने valentina tereshkova की 10 potrait बनाई। जिसकी प्यार की कहानी इन हिंदी वजह से वह टीवी पर आये और रातो रात दिल्ली मे फ़ेमस हो गये।

जिसके बाद भारत सरकार ने उन्हे कुछ जरुरी सुविधाएँ उप्लब्ध करने का निर्णय लिया और उन्हे वह दी गई।

charlotte von schedvin से प्रतीयुमन कुमार महानंदीया की मुलाकात|प्यार मोहब्बत की कहानी हिंदी में

प्रतीयुमन एक दिन दिल्ली के कनोड पैलेस मे लोगो की potrait बना रहे थे तभी उनकी मुलाकात charlotte von schedvin से होती है।

charlotte von schedvin उन दिनो मसहूर hippie trail को फॉलो करते हुए 22 दिनो के टूर पर इंडिया आई थी।

ज़िन्दगी के race में कौन जीतता है?

जब charlotte दिल्ली के कनोड पैलेस पर घुमाने गई तब उनकी मुलाकात प्रतीयुमन से हुई जो की वहां potrait बना रहे थे।

अपनी पहली मुलाकात को बताते हुए प्रतियुमन कहते हैं। “मुझे आज भी वह दिन बहुत दिन बहुत अच्छे से याद है।

वह दिन था 17 दिसंबर और साल थी 1975 जब मुझे एक ब्लौंड बालों वाली बेहद खुबसूरत महिला जिसकी आँखे नीली थी वह मेरे तक पहुंची। ”

प्रतियुमन उन पलो को याद करते हुए कहते हैं जब वह मेरे सामने आई तब मेरे पास कोई शब्द नही थी जो उसकी खुबसूरती का बयान कर पाये।

charlotte von schedvin प्रतियुमन के पास अपनी potrait बनवाने आई थी। charlotte को देख प्रतियुमन बहुत नर्वस हो गये थे।

उनके हाथ कांप रहे थे, लेकिन उन्होने खुद से कहा मुझे इसकी खुबसूरती के साथ इंसाफ करना होगा।

उन्होने पहली potrait बनाई और charlotte को दी और “कहा क्या आप कल फिर से आ सकती हैं? “

जिसके बाद charlotte तीन बार आई और प्रतीयुमन ने 3 potrait बनाई। हर बार वह अपने potrait के बदले प्रतीयुमन को 20 रूपय देती थी। जब की वह उस समय हर potrait का 10 रूपय लिया करते थे।

दोनो मे दोस्ती हो गई और कुछ समय बाद यह दोस्ती प्यार मे बदल गया। एक दिन जब वह दोनो साथ घूम रहे थे तब प्रतीयुमन ने charlotte से कहा हमारी जोड़ी स्वर्ग मे बनी है।

उसके बाद प्रतीयमन ने Charlotte से पूछा, क्या तुम्हारी राशि वृष है? तब शेर्लोट ने कहा हां, उसके बाद प्रतीयुमन ने पूछा क्या तुम जंगल की मालिक हो, इसका भी जवाब भी हां था।

आखिर मे उन्होने पूछा क्या तुम flute बजाती हो? इसका जवाब देते हुए शेर्लोट ने कहा हां मुझे flute और पियानो बजाना अच्छा लगता है।

यह सुनते ही प्रतियुमन को यकीन हो गया की यह वही लडकी है जिसे उनकी शादी होगी।

कुछ दिनो बादो दोनो ने trible रीति-रिवाजों से शादी कर ली। शादी की 2 हप्ते बाद ही शेर्लोट का visa खत्म हो गया और उन्हे sweden वापिस जाना पड़ा ।

दूसरी तरफ प्रतीयुमन ने यही भारत मे रह कर अपने काम को आगे बढाने का फैसला किया।

इस दौरान वह एक दुसरे से चिठीयो के जरिये बाते किया करते थे। तकरीबन डेढ साल तक दोनो एक दुसरे से अलग रहे।

आखिर कार 1977 मे प्रतीयुमन कुमार महानंदीया ने अपने विवाहित जीवन के प्रती पहला कदम लिया और अपनी पत्नी से मिलने sweden जाने का फैसला किया।

लेकिन इनके पास इतने पैसे नही थे जिसे वह हवाई जहाज से यात्रा कर सके।

अपने प्यार से मिलने के लिए cycle पर ही पहुच गए यूरोप

तब उन्होने अपने पास मौजूद सारा समान बेच दिया जिसे उन्हे 1200 रूपय मिले। जिसमे से उन्होंने 80 रूपय की एक second hand साइकिल खरीदी।

अपने साथ एक स्लीपिंग बैग लिये वह अपनी मंजिल की ओर साइकिल पर निकल पड़ें।

यह यात्रा भारत से यूरोप तक की थी जो की लगभग 6000 किलोमीटर से भी ज्यादा की है। लेकिन अपने प्यार से मिलने के लिये वह इस सफर पर निकल गये।

रास्ते मे उन्हे काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा लेकिन वह सभी परेशानियों को पार कर अपनी मंजिल की ओर बढ़ते चले गये।

रास्ते मे वह लोगो की potrait बनाते और बदले मे वह उनसे खाना और एक रात बिताने की मदद मांग लेते थे।

रास्ते मे उनकी मुलाकात बहुत लोगो से हुई जिनकी मदद से वह ईरान,अफगानिस्तान,बुल्गारिया,जर्मनी जैसे को पार कर वह 5 महीने की सफर के बाद स्वीडेन के बौर्डर पर पहूंच गये।

प्रतीयुमन के पास imigration visa नही था जिसके कारन उन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया गया था। अपनी शादी की फोटो और cerificate दिखाने के बाद भी ऑफिसर उन्हे नही जाने दे रहे थे।

शादी की फोटो को देख पुलिस ने charlotte से सम्पर्क किया और उनके confirm करने के बाद ही प्रतीयुमन को sweden मे entry मिली।

अपने पति की खबर सुन charlotte von schedvin खुद बॉर्डर पर अपने पति को लेने आई।

sweden पहुचंने से पहले तक प्रतीयुमन को जरा भी एहसास नहीं था की उनकी शादी एक ऐसी लडकी से हुई है जो की royal परिवार से तालुक रखती हैं।

साल 1979 मे दोनो ने swedish कानून के मुताबित एक बार फिर शादी कर ली। आज उनके शादी को 41 साल से भी ज्यादा हो गये हैं।

उनके दो बच्चे भी है, प्रतीयुमन अब sweden के नागरिक हैं और वह स्वीडन सरकार के कला विभाग के सलाहकार हैं।

दुनियां भर मे उनकी paintings की exhibition लगती रहती हैं। 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  प्यार के लिए 6000 km पार कर पहुँच गया प्रेमी europe|प्यार की कहानी इन हिंदी की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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