सोने का पंछी सोने का घोड़ा और राजकुमारी की Hindi kahaniya

सोने का पंछी सोने का घोड़ा और राजकुमारी की Hindi kahaniya नमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है।  इस blog पे आपको सोने का पंछी सोने का घोड़ा और राजकुमारी की Hindi kahaniya.…इन्ही तरह के और भी  Hindi kahaniya पढ़ने को मिलेंगे ।

कहानी की शुरुआत 

कई वर्षो पहले एक राजा था। जिसके राज्य मे एक अनोखा सेब का पेड़ था।

 वह अनोखा इसलिए था क्युंकि उस पेड़ पर सोने के सेब उगते थे। राजा का एक वफादार माली था। 

जो हर रोज उस पेड़ की देख भाल करता और हर रोज पेड़ पर लगे सारे सेबो को गिनता, और राजा को बताता था।

अचानक एक दीन एक सेब चोरी हो गया। जब यह बात माली ने राजा को बताया, राजा बहुत क्रोधित हुआ और बोला चोर को हम जरुर सजा देंगे।

अगली रात माली ने अपने बड़े बेटे को सेब की रखवाली मे लगाया,लेकिन वह बिच रात मे सो गया। दुसरे दिन जब माली ने सेब की गीनती की एक सेब फिर कम हो गया था।

माली ने राजा को कहा आज रात मै अपने दुसरे बेटे को पहरेदारी के लिये रखुंगा, राजा मान गया। 

माली का दुसरा बेटा सेब की पहरेदारी मे लग गया। रात होते ही दुसरे बेटे की भी आंख लग गई और वह भी सो गया। अगले दिन फिर से एक सेब कम था।

अब माली के तीसरे और सबसे छोटे बेटे की बारी थी। वह रात होते ही पहरेदारी मे लग गया, जब आधी रात हो गई तभी पेड़ के पत्तो मे कुछ हलचल हुआ। माली का तीसरा बेटा अपनी तीर धनुष ले कर सतर्क हो गया।

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जब वह पेड़ की तरफ आगे बढ़ने लगा उसने देखा की एक सोने का पंछी सेब तोड़ रहा है।

 माली के बेटे ने तुरंत तीर चलाया लेकिन तीर पंछी के पीछे वाले पंखो मे लगा जिसे पंछी को कुछ नही हुआ बस एक पंख टुट कर गिरा। 

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अगली सुबह माली ने सोने की पंछी का एक सोने का पंख राजा के सामने पेश किया। सभा मे सभी मंत्रियों को भी बुलाया गया, सबने उस पंख को देखा। वह पंख बहुत ही कीमती लग रहा था।

राजा ने कहा मुझे वह पंछी चाहिये। मेरे राज्य मे ऐसा बहादुर कौन है जो उस पंछी को मेरे लिये पकड़ कर लाये।

 माली का बड़ा बेटा सामने आया और इसकी जिमेदारी ली। राजा की आज्ञा ले कर वह पंछी की खोज मे जंगल की ओर निकल पड़ा।

जंगल मे पहुँचते ही उसे एक लोमड़ी दिखी वह तुरंत अपनी तीर उस लोमड़ी पे तान देता है। 

लोमडी बोलता है रुको रुको मुझे मत मारो, मै तुम्हारे काम आ सकती हूं। तुम उस सोने की पंछी की तलाश कर रहे हो ना? माली का बड़ा बेटा बोलता है हां,

लोमडी:- मेरी बात ध्यान से सुनो, तुम यहां से सीधा जाओ शाम तक तुम गांव मे पहूंच जाओगे। वहां तुम्हे एक बड़ी हवेली दिखेगी और ठीक उसके सामने एक झोपड़ी दिखेगी। तुम रात को ठहरने के लिये उस झोपड़ी को चुनना।

लोमडी की बात माली के बेटे को बकवास लग रही थी उसने लोमडी पर तीर चला दी लेकिन लोमडी को नही लगी वह कूद कर वहां से भाग गयी । 

माली का बेटा आगे बढ़ने लगा। आगे चल  【सोने का पंछी सोने का घोड़ा और राजकुमारी】 कर उसे एक हवेली और एक झोपड़ी दोनो दिखा जैसा लोमडी ने बताया था।

उसने देखा की हवेली की ओर लोग नाच रहे थे,गाना गा रहे थे और अच्छा खाना खा रहे थे। वही दूसरी ओर गरीबी दिख रही थी।

 माली का बेटा सोचने लगा अगर मै हवेली छोड़ कर उस झोपड़ी की ओर गया तो यह मेरी सबसे बड़ी बेवकूफी होगी।

इसिलिये वह हवेली की ओर गया। वहां उसने खाया पिया और इसी बीच पंछी के बारे मे भूल गया था। इसी बिच बहुत समय हो चुका था।

 बड़ा बेटा अब तक नही लौटा तो माली ने अपने दुसरे बेटे को भेजा पंछी की तलाश मे।

माली के दुसरे बेटे के साथ भी वही सब हुआ। उसे भी लोमडी दिखी लोमडी ने वही सारी बाते इसे भी बताई। 

जब वह गांव पहुंचा उसने देखा की उसका बडा भाई महल की ओर था और इसे भी बुलाया यह महल की ओर चला गया और यह भी पंछी के बारे मे भूल गया।

समय बितता गया, अब सबसे छोटा वाला बेटा भी सोने की पंछी की तलाश मे चल पड़ा। लेकिन इस बार माली अपने तीसरे बेटे को भी नही खोना चाहता था इसलिए वह जाने नही दे रहा था।

 लेकिन तीसरे बेटे ने माली को यकीन दिलाया की मै वापस लौटूंगा। माली मान गया और जाने दिया। 

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माली का बेटा जंगल की ओर निकल पड़ा। रास्ते मे उसे भी वही लोमडी मिली जो उसके भाईयों को मिली थी और उसने वही सलाह इसे भी दी।

 सलाह सुन कर माली का तीसरा बेटा लोमडी को धन्यवाद देता है।

लोमड़ी बोलता है मेरी पूँछ पर बैठो जल्दी पहूंच जाओगे। वह लोमडी की पूँछ पर बैठ गांव पहुचता है। 

माली के तीसरे बेटे ने रात बिताने के लिये झोपड़ी चुना।
जब सुबह हुई लोमडी फिर से वापस आई और उसने एक और सलाह दी। 

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अब सिधे आगे बढ़ना तुम्हे वहां एक किला दिखाई देगा जहां बहुत सारे सैनिक गहरी नींद मे सोये रहेंगे। उनकी तरफ ध्यान बिल्कुल भी मत देना।

 किले के अंदर जाना जँहा तुम्हे एक सोने का पंछी एक लकडी के पिंजड़े मे बंद दिखेगा। उसके ठीक सामने एक सोने का पिंजड़ा भी होगा। पर तुम उस पिंजड़े को बदलने की कोशिश मत करना वरना तुम पछतओगे।

लोमडी ने एक बार फिर अपनी पूँछ फैलाई माली का तीसरा बेटा उसके पूंछ पर बैठ गया। लोमड़ी इसे किले के पास ले गई ।

 लड़का किले के अंदर गया उसे वहां सोने की पंछी एक लकड़ी के पिंजड़े मे दिखा। 

उसने लोमडी की बात ना मानते हुए पिंजड़े को बदलने के लिये जब लकड़ी का पिंजड़ा खोला। पंछी जोर जोर से चिलाने लगा जिसे सारे सैनिक जाग गये और इसे बंधी बना लिया।

जब सैनिको ने इसे राजा के सामने पेश किया, राजा ने इसे मौत की सजा दे दी। माली का तीसरा बेटा वीनती करता है की उसे छोड़ दे। 

राजा बोलता है मै तुम्हे एक सर्त पे छोड़ सकता हूं। जब तुम मुझे वह सोने का घोडा ला कर दो। जो तुफान की तरह सबसे तेज दौडता है।

जाओ वह   【Hindi kahaniya】    घोडा मेरे लिये ले आओ तभी मै तुम्हारी सजा माफ करूंगा और तुम्हे वह सोने का पंछी भी दे दूँगा। उसने फिर से अपना सफर शुरु किया लेकिन इस बार वह घोड़े की तलाश मे था।

 रास्ते मे उसे उसकी दोस्त लोमडी मिली। लोमडी ने कहा तुमने देखा ना मेरी सलाह नही मनने का नतिजा।

तुम एक अच्छे लड़के हो। इसलिए मै तुम्हारी उस सोने के घोड़े को ढुढ़ने मे मदद करूंगी। लोमडी उसे बताती है यहां से कुछ दूर पर एक किला है जहां वह घोडा अपने अस्तबल मे खड़ा होगा। 

उसकी देख रेख करने वाला गहरी नींद मे वही सोया होगा। तुम चुप चाप घोड़े को छुड़ा लेना। लेकिन एक बात का ध्यान रखना तुम उस घोड़े पर पुराने चमडे का सैडल डालना। वहां पड़े सोने का सैडल को हाथ मत लगाना।

लड़का घोड़े को देख कर बोलता है मै इसे सोने का सैदल दूँगा।जैसे ही वह सोने के सैडल को हाथ लगाता है, पहरेदार नींद से जाग जाता है। 

रक्षक दौड़ कर आये और उसे गिरफ्तार कर लेते हैं। अगले दिन राजा ने उसे मौत की सजा सुना दी। लड़का इस बार भी बीनती करने लगता है की उसे छोड़ दिया जाये।

राजा ने कहा तुम उस खुबसूरत राजकुमारी को मेरे पास ले कर आओ। अगर तुम उसे ले आते हो तो मै तुम्हे माफ कर दूँगा और तुम उस घोड़े और पंछी को भी अपने पास रख सकते हो।

लड़का राजकुमारी की खोज मे निकलता है। रास्ते मे फिर उसे वह लोमडी मिलती है। 

वह कहती है अगर तुमने मेरी बात मानी होती तो पंछी के साथ साथ घोडा भी तुम्हारे पास होता। मै तुम्हारी मदद फिर से करूंगी। 

यहां से सिधे जाओ कुछ दूर चलने के बाद वहां तुम्हे एक किला दिखाई देगा। वहां तुम्हे राजकुमारी मिलेगी, तुम उसके हाथ को थाम लेना। पर ध्यान रहे उसे विदाई लेने ऊसके माँ बाप के पास मत जाने देना।

लड़का थिक वैसा ही करता है पर राजकुमारी रोने लगती है। राजकुमारी को रोते देख लड़का राजकुमारी को उसके माँ बाप से मिलाने ले जाता है। 

जैसे ही वह राजा की सामने जाता है राजा उसे बंदी बना लेता है। और कहता है महल के सामने उस पहाड़ को अगर तुम 7 दिनो मे तोड़ देते हो तो राजकुमारी तुम्हारे साथ जायेगी। वरना तुम्हे फांसी दे दी जायेगी।

लड़का पहाड़ तोडने मे लग जाता है परंतु पहाड़ बहुत बड़ा रहता है जिसे 7 दिन मे तोड़ना मुमकिन नही था। 7 दिन होने वाले होते है पर लड़का पहाड़ का थोड़ा ही हिस्सा तोड़ पाया था। 

रात होने वाला होता है की तभी 【सोने का पंछी सोने का घोड़ा और राजकुमारी】उसकी दोस्त लोमडी आती है। लोमडी कहती है तुम सो जाओ मै यह काम कर देती हूं।

सुबह होते ही जब वह उठा उसने देखा की पहाड़ वहा नही है। राजा खुश हो जाता है और राजकुमारी का हाथ उसे थमा देता है।

 जब राजकुमारी को ले कर लड़का महल के बाहर आता है तब लोमडी उसे कहती है। तुम चाहो तो सब तुम्हारा हो सकता है। लड़का पूछता है कैसे?

लोमडी बताती है तुम राजकुमारी को ले कर राजा के पास जाना और सोने का घोड़े देने को कहना वहां से निकालते समय जब तुम सब से अलविदा ले रहे होगे तभी राजकुमारी से सबसे अंत मे मिलना और उसे खिच कर घोड़े पर बैठा लेना और जितना हो सके उतना तेजी से वहां से निकल जाना।

जब तुम घोड़े को लेकर पंछी को लेने जाओगे। तब राजा को बाहर बुलाना और घोडा दिखाना मै राजकुमारी के साथ कुछ दूर पे खड़ा रहूंगी।

 तुंम पंछी को अपने हाथो मे लेना और घोड़े पर बैठ खर तेजी से वहां से निकल जाना। लड़का ठीक वैस ही करता है।

अब लड़के के पास राजकुमारी थी, सोने का घोडा था और एक सोने का पंछी भी था। यह सब लोमड़ी की वजह से हुआ था।

 लड़का लोमडी को बोलता है मै तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं। लोमडी बोलती है मुझे खत्म कर दो। लड़का उसकी बात नही मानता है।

पर लोमडी ने लड़के को एक और सलाह दिया और कहा वापस लौटते किसी को पैसे मत देना और ना ही नदी के किनारे बैठना। लड़का राजकुमारी को लेकर निकल वापस लौटने लगता है। 

तभी वह एक गांव मे पहूंचता है जहां दो लोगो को फांसी दी जाया जाने वाला होता है। जब वह  【Hindi kahaniya】   वहां पहूंचा है तो देखता है वह दोनो इसके भाई रहते है।

 जो अब चोर बन चुके होते है। उसे छुड़ाने के लिये यह पैसे देता है। और अपने भाईयों के साथ ले कर घर की ओर बढ़ने लगता है। 

माली के तीसरे बेटे को किसने धोखा दिया

रास्ते मे उसके भाई बोलते है क्यूं ना नदी के पास रुक कर थोड़ी देर आराम कर लिया जाये। लड़का मान जाता है और नदी के किनारे बैठ कर आराम करने लगता है। 

तभी उसके दोनो भाई पिछे से आ कर उसे नदी मे धक्का दे देते हैं। माली का तीसरा बेटा नदी मे गीर जाता है और उसके दोनो भाई राजकुमारी, घोडा और पंछी को लेकर महल की ओर निकल पडते हैं। 

अपने राज्य पहुचते ही वह, राजा के पास जाते है और कहते है महाराज, हम सोने की पंछी को ले आये हैं। राजा खुश हो जाता है महल मे जशन की तैयारी होने लगती है।

लेकिन घोडा घास नही खा रहा था, पंछी गाना नही गा रहा था और राजकुमारी रोए जा रही थी। 

माली का छोटा बेटा नदी मे गीर गया था पर नदी मे पानी कम था जिसके कारन वह बच गया था। बस उसे थोड़ा चोट लगा था। इस बार भी उसकी दोस्त लोमडी आती है और उसकी मदद करती है

माली का छोटा बेटा महल आता है उसे देखते ही घोडा घास खाने लगता है,पंछी गाना गाने लगती है और राजकुमारी खुश हो जाती है। वह सारी बाते राजा को बताता है। राजा उसके दोनो भाईयों को सजा देता है।

कुछ सालो बाद राजा का देहांत हो जाता है। उसके बाद माली के तीसरे बेटे को राजा घोषित किया जाता है। राजा बनने के बाद वह एक दिन जंगल की तरफ घूम रहा था। 

तभी उसे वो लोमडी फिर से मिलती है। लोमडी इस बार भी उसे यही गुजारिश करती है की उसे मुक्ति दे दे। लड़का इस बार दुखी मन के साथ हां कर देता है।

लड़का अपनी तलवार निकल कर लोमडी को मार देता है तभी वह लोमडी एक राजकुमार मे बदल जाता है। 

वो राजकुमार और कोई नही बल्कि राजकुमारी का भाई रहता है। जिसे एक ऋषि ने श्राप दिया था जिसके कारन वह लोमडी बन गया था।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको सोने का पंछी सोने का घोड़ा और राजकुमारी की Hindi kahaniya की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी 

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