शाही हाथी|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi

 

शाही हाथी का संक्षिप्त विवरण|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi

शाही हाथी|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi: इस कहानी में गोपाल और रघु दो दोस्त   [hindi kahaniya]   एक घायल  हाथी की मदद करते है फिर हाथी क्या करता है आगे देखिये।  

 
बहुत समय पहले शान्तपुर नाम का एक गाँव था ।  जहाँ एक इलाका था वहा बढ़ई रहते थे। शान्तपुर  एक नदी तट पर स्थित था नदी के दूसरी ओर एक जंगल था।  
 
 हर दिन बढ़ई  नदी को पार कर लकड़ी लाने के लिए जंगल मे जाते थे | जंगल तक पहुँचने के लिए नाव का इस्तेमाल किया करते थे। वे इस इलाके में उनके काम के लिए रहते थे।


 एक दिन गोपाल और रघु दो दोस्त बात चित कर रहे थे। 

गोपाल :- तुम बहुत लकड़ी लाते हो हर दिन यह अभी भी आपके लिए पर्याप्त नहीं है। तभी, 

रघु:- मुझे एक हाथी दिखाई दे रहा  है ।वह  हमारी ओर आ रहा है ऐसा लगता है कि वह आघात है

गोपाल:- देखो  एक काटी उसके  पैर में  चूभा हुआ है । लगा रहा है की  वह  दर्द में  है।

हाथी गोपाल के करीब आ गया और रघु हाथी को देखने उसके पास गया। हाथी घायल था उसके पैर मे किल चुभी हूई थी। देखो यह उसकी पैर के गहराई में चला गया है।

दोनों ने मिलकर बड़ी कील निकाली घाव को साफ किया और चारों ओर एक पट्टी बांध दी।  हाथी, उनको  बहुत धन्यवाद देता है अब मुझे दर्द से राहत मिली है। हाथी धन्यवाद दे कर  चला गया और जंगल में कुछ  दिनों के लिए  गायब हो गया।  [Hindi kahaniya]

रघु और गोपाल पूरी तरह उसे  भूल गए। हाथी जल्द ही अपने में समा गया, दिन-प्रतिदिन के काम में वयस्थ  फिर से एक दिन गोपाल ने देखा की एक हाथी फिर से उसकी ओर चला आ रहा है। 

 रघु :-  वही होना चाहिए। यह हमारी ओर आ रहा है मुझे आश्चर्य है कि क्या उसे फिर से तो चोट नहीं लगी ? मैं उसे  यहाँ लाता हूँ।  

हाथी :-मैं यहाँ धन्यवाद देने के लिए आया  हूँ । आपने उस दिन मेरी मदद की और देखभाल की मेरी चोट के प्रती आप दोनों बहुत दयालु थे मेरे लिए । मैं अब हर दिन  आपकी  मदद करने के लिए आऊँगा। हाथी  उस दिन से हर सुबह  मदद के लिए आता था। 

 रघु और गोपाल  के साथ  काम करता और शाम को  जंगल में वापस चला जाता  हाथी ने कई वर्षों तक उनकी सेवा की ।

एक दिन  रग्घू:- यह सामान्य समय है लेकिन हमारा दोस्त हाथी अभी तक आया  नहीं है मुझे डर है कि उसे  कुछ होना  नहीं चाहिए। 

गोपाल:-  चिंता की कोई वजह नहीं है उसे कुछ नहीं हुआ होगा।  [Hindi kahani]

कुछ दिनों बाद गोपाल ने देखा कि उनका हाथी  दोस्त एक  छोटे हाथी के साथ आ रहा है। जो एक सुंदर सफेद हाथी का बच्चा है। 

हाथी ने रघु और गोपाल से कहा मैं अब बूढ़ा हो रहा  हूं ।मेरी उमर हो रही है अब मेरी जगह मेरा बेटा आपकी मदद किया करेगा। इसका नाम गजा है। गजा  एक सफेद हाथी का बच्चा था।

जल्द ही गजा अपने काम मे लग गया और रघु गोपाल की मदद करता था। रघु और गोपाल के बच्चे भी गजा से बहुत प्यार करते थे। गजा उनलोग के साथ खेलता था। एक दिन नदी मे गजा और बच्चों नहा रहे थे।

 तभी  सैनिकों के साथ राज्य का शाही हाथी  नदी मे नहाने के लिये आया। शाही  हाथी नदी मे नही जा रहा था। यह देख कर सैनिक ने राजा को बताया। राजा ने आदेश दिया की हाथी पानी मे क्यू नही जा रहा है।  इसका पता लगाया जाये।

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राजा खुद इसकी जांच करने नदी के पास आया । राजा को पता चला की नदी मे दुसरे हाथी का मल मूत्र था इसिलिए रॉयल हाथी पानी मे नही जा रहा था।

राजा ने वहा एक सफेद हाथी देखा जो की गजा था। उसे देख कर राजा गोपाल और रघु के पास गया और हाथी से मिला। राजा ने गोपाल और रघु को कहा मै गजा को रॉयल हाथी बनाना चाहता हूं। मै इसके लिये आप दोनो को 4 लाख सोने के सिक्के दूँगा। तभी गजा ने राजा से कहा मै आपकी सेवा करने को तैयार हूँ । लेकिन इन दोनो ने मुझे पाल पोश कर बडा किया है। मै लालची नही हो रहा परंतु ये रकम इनके बच्चों को पालने के लिये बहुत कम है। राजा ने कहा जो भी रकम तुम बोलोगो मै दे दूँगा।

शाही हाथी|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi

हाथी मान गया राजा के साथ विदाई का दृश्य देख कर सभी उदास थे।  सभी के आंखो मे आंसू था। रघु और गोपाल की आंखों के अलावा उनके बच्चे भी रो रहे थे।  राजा ने  हाथी को सजाया।

 राजा को यह बहुत पसंद था। हाथी राजा के बहुत करीब था । हाथी भी राजा को बहुत मानता था। हाथी ने राजा को कहा की मै आपके साथ जीवन भर रहूँगा। 

राजा ने  अपनी पत्नी और मंत्री से कहा यह हाथी  हमारे लिए बहुत भाग्यशाली है।  मुझे लगता है कि हमारा बच्चा एक बहुत अच्छा राजा बनेगा और नाम कमाएगा। कुछ महीने बीत गए और अचानक राजा बीमार पड़ गया उसका अंत करीब था।

राजा:-अगर मेरे साथ कुछ होता है। इस हाथी की देखभाल कौन करेगा ?

 कुछ दिनों बाद राजा की मृत्यु हो गई। रानी और मंत्री ने इस दुखद समाचार का खुलासा हाथी के सामने नहीं करने का फैसला लिया। राजा की मृत्यु की खबर पुरे राज्य मे फैल गया। 

 पड़ोस के राजा कौसल को यह खबर मिला की राजा की मृत्यु हो चुकी है। तो उसने सोचा अभी शान्तपुर मे कोई राजा नही है। यह सही मौका है हमले का। कौसल राजा ने युध्द के लिये फरमान भेजवा दिया।

शान्तपुर के रानी मा बनने वाली थी । मंत्री ने कौसल के राजा को एक संदेश भेजा। और अनुरोध किया की हमे एक सप्ताह का समय दे। राजा ने अनुरोध को स्वीकार किया।  [Moral stories in Hindi]

 दो दिन बाद रानी ने एक पुत्र को जन्म दिया। मंत्री कौशल राज्य से युद्ध करने लगे। शान्तपुर के बहुत सैनिक मारे गये। मंत्री ने रानी को बताया की हम हारने वाले हैं। 

रानी ने कहा समय आ गया है की हम हाथी को सब बता दे और उसकी मदद ले।

मंत्री ने हाथी को सब बता दिया । हाथी दुखी हो गया  और उसने छोटे राजा की सेवा करने का फैसला लिया और जीवन भर उसकी रक्षा करेगा ऐसा निश्चय किया।

हाथी गजा ने युध्द मे जाने की तैयारी की और सभी दशमन को भगा दिया। छोटा राजा अब बड़ा हो रहा था। छोटा राजा बहुत होशियार और ज्ञानी था। उसने राज्य सम्भाला और एक अच्चा राजा बना।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  शाही हाथी|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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