रुखसाना का जिन्नात को दोस्त बनाना पड़ा भारी

 

 रुखसाना का जिन्नात को दोस्त बनाना पड़ा भारीनमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है। इस blog पे आपको रुखसाना का जिन्नात को दोस्त बनाना पड़ा भारी Hindi kahaniya, scary horror stories in hindi...इन्ही तरह के और भी  Hindi kahaniya पढ़ने को मिलेंगे ।

कहानी की सुरुआत

एक गाँव मे एक मुसलिम परिवार का घर था। उस घर में 3 floor थे।
 
उस घर मे बहुत सारे परिवार के लोग रहते थे।
 
उनमे से सबसे छोटी रुखसाना थी, वो उस समय करीब 10 साल की होगी।
 
उसे घर मे सभी प्यार करते थे।
 
कुछ समय के बाद रुखसाना के दादा जी का देहांत हो गया।
 
उनके कमरे में बहुत सारी अजीब चीज़े और किताबें थी पर उनके कमरे में जाने और उनकी चीज़ों को छूने की इजाज़त किसी को नही थी।
 
पर एक दिन रुकसाना 【Hindi kahaniya】अपने दादा जी के कमरे में चली गयी और वहाँ से एक पुरानी काली किताब उठा लायी।
 
 
उस किताब में बहुत सारे मंत्र लिखे थे । उन सब मंत्रो में से एक मंत्र रुकसाना को बहुत भाया वो था एक सफेद परी को बुलाने का मंत्र।

मंत्र के इस्तेमाल करने के नियम | scary horror stories in hindi

पर उस मंत्र को इस्तेमाल करने के कुछ नियम थे।
 
उस मंत्र को खाली कमरे में बिना सर उठाये पढ़ना था और 7 दिनों तक रोज़ यह काम करना था।
 
2nd floor पर रात में कोई नही आता था तो रुकसाना ने 2nd floor पर जाकर मंत्र पढ़ने का फैसला किया।
 
अब वह हर रोज रात में 2nd floor पर जाकर मंत्र पढ़ने लगी थी।
 
मंत्र पढ़ने का पहला दिन था रुकसाना अपने कमरे से निकल कर 2nd floor के एक कमरे में आ गयी।
 
उसने मंत्र पढ़ना चालू कर दिया 【रुखसाना का जिन्नात को दोस्त बनाना पड़ा भारी】  मंत्र पूरा पढ़ने के बाद जैसे उसने सर उठाया उसे एक काली बिल्ली दिखी।
 
वो कमरा चारो तरफ से बंद था बिल्ली बाहर से आ ही नही सकती थी।
 
फिर रुकसाना अपने कमरे में ची गयी ।

दूसरे दिन वह Room में मंत्र पढ़ने गयी |Bhayanak horror story

रुकसाना ने मंत्र पढना चालू किया और मंत्र पढ़ते-पढ़ते जब इस बार उसने सर उठाया तो उसे 2 बिल्लियां दिखी । वह मंत्र पढ़कर अपने Room में चली गयी।
 

तीसरे दिन वह Room में मंत्र पढ़ने गयी|रुखसाना का जिन्नात को दोस्त बनाना पड़ा भारी

रुखसाना Room में गयी और मंत्र पढ़ना चालू किया और इस बार उसने सर उठाया तो उसने देखा कि पूरा कमरा काली बिल्लियों  से घिरा हैं। 
 
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वह डर के मारे अपने कमरे में भाग के आ गयी और चादर ओढ़ के लेट गयी।
 
उसे अपने Room में बहूत सारे लोगों के बोलने की आवाज़ सुनाई देने लगी पर जब उसने आस पास देखा तो वहाँ कोई नही था।
 
उस दिन के बाद से उसने वह किताब वापस नही पढ़ा पर सिर्फ 3 दिन मंत्र पढ़ने के कारण रुकसाना को  आज भी रात में सोते समय लोगो की फुसफुसाने की आवाज़ आती है।
 
सीख: किसी काम को अधूरा और बिना सोचे समझे नही करना चाहिए।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको रुखसाना का जिन्नात को दोस्त बनाना पड़ा भारी की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी 

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