राजा का बीज|Moral Stories in hindi

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राजा का बीज Moral Stories in hindi की शुरुआत

एक समय की बात है एक राजा था। राजा की की उम्र ढल रही थी, इसलिए वह राज्य के नये राजा की तलाश मे था। 

राजा ने राज्य पाट अपने बेटे और अपने मंत्रियों को देने के वजाय उसने एक नया तरीका सोचा।

अगली सुबह राजा ने नगर मे सूचना दिया की राज्य के सभी नवयुवक महल आये राजा साहब अगले राजा का चुनाव करेंगें। यह सूनकर सभी बहुत खुश हुए।

सभी लोग महल आये, राजा ने कहा मै आप सभी को एक एक बीज दूँगा। 

आप सभी इस बिज को मिट्टी मे रोप देंगे और इसे रोज पानी देंगे इसकी देख भाल करेंगें और आज से ठीक एक साल बाद आपलोग यहाँ आयेंगे और सभी को दिखाएँगे की आपका बीज सही से बढ़ा है की नही, आपके बीज की स्थिति क्या है? 

क्या वह पौधा बन गया या पेड़ बन गया। जो भी हो आप सभी एक साल बाद अपने अपने उस बीज से उपजे हुए चीज़ को ले कर यहाँ आयेंगे।

सभी लोग बीज लेने लगे उसी भीड़ मे येन नाम का एक लड़का था। उसने भी राजा से बीज ले लिया। येन बीज ले कर अपने घर गया और अपनी मां को दिखाया।

सभी लोगो ने अपने अपने बीज को गमले मे लगा दिया,येन ने भी अपने बीज को गमले मे लगा दिया। सभी लोग बीज को रोज पानी देते थे, कुछ लोग खाद भी देते थे। 

तीन महीने गुजर गये, सभी लोग अपने अपने बीज के बारे मे बात कर रहे थे, किसी का बीज बढ़ कर पौधा बन गया तो किसी का बीज अंकुरित हुआ है। 

 

लेकिन येन के रोज पानी देने के बाद भी उसके बीज से कुछ नही उग रहा था वह बीज जैसा का तैसा मिट्टी मे दबा हुआ था।

 यह देख वह अपनी मां को बताता है, मां सभी के बीज अंकुरित हो गये है लेकिन मेरा बीज अंकुरित नही हुआ है।

मां कहती है हो सकता है कुछ समय बाद यह अंकुरित हो,कुछ दिन और रुक जाओ। येन रोज पानी डालता रहा।

ऐसे ही एक साल का समय बीत गया। अब वो समय आ चुका था की जब राजा सहाब सभी के बीज का परिणाम देखेंगे। 

सभी के बीज पौधे बन गये थे,पौधे लहलहा रहे थे। लेकिन येन का बीज एक साल के बाद भी अंकुरित नही हुआ था।

राजा ने एक बार फिर से नगर मे सूचना दिलवाया की सभी लोग जिन्होंने बीज लिया था वो लोग महल मे आयेंगे अपने पौधे के साथ।

येन ने नही जाने फैसला किया क्युंकि उसका बीज अंकुरित नही था। येन की मां ने उसे कहा येन तुम्हे महल जरुर जाना चाहिये, भले ही तुम्हारा बीज अंकुरित नही हुआ है तुम महल जाओ और राजा को सच्चाई बता देना।

अपनी मां की बात सुन कर येन अपने गमले को ले कर महल गया। वहां उसने देखा की सभी लोग अपने अपने गमले के साथ आये हैं और सभी के पौधे बहुत खिले खिले थे। यह देख येन मायुश हो गया।

राजा शाहब सभा मे आये सभी लोगो के पौधे को उन्होने देखा तभी राजा की नज़र कोने मे खड़े येन पर गई।

 उन्होने उसे पूछा तुम्हारा पैधा कहा है। येन ने राजा को बताया की मै ने सब कुछ किया लेकिन मेरा बीज अंकुरित ही नही हुआ।

राजा येन की बातें सुन कर बहुत खुश हुए। थोड़ी देर बाद उन्होने सभा मे नये राजा का नाम घोषित किया। वह नाम था येन का यह सुन कर सभी लोग चौंक गये यहां तक की येन खुद भी चौंक गया।

तब राजा ने बताया की मैने जो बीज सभी को दिया था वह बीज उबाला हुआ बीज था। वह कभी अंकुरित नही हो सकता था। 

यहां मौजूद सभी लोगो ने राजा बनने के लालच मे सभी ने बीज बदल दिया है लेकिन तुमने ऐसा नही किया।

तुम्हारी ईमानदार को देखते हुए मै तुम्हे अगला राजा घोषित करता हूं। येन बहुत खुश हुआ उसने अपनी मां को यह बात बताया उसकी मां बहुत खुश हुई।

कुछ सालो बाद येन ने राज्य का कारवार सम्भाला। येन की ईमानदारी ने ही उसे भीड़ से अलग बनाया और वह राज्य का राजा बना।

इंग्लिश मे एक कहावत है honesty is the best policy. उसी प्रकार हमे अपनी ईमानदारी को नही छोड़ना चाहिये।

 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको राजा का बीज Moral Stories in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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