भानगढ़ किले की सच्ची कहानी हिंदी मे| real story of bhangarh kila in Hindi

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Real story of bhangarh kila in Hindi कहानी की शुरुआत 

भूत परेत की कहनिया सुनने और पढ़ने मे तो बहुत ही रोमांचक लगती है। लेकिन जब वह घटना खुद के साथ होने लगे तो क्या आप उसे रोमांचक कहेंगे?

किसी भूत या किसी काली शक्ति का आपके आस पास होने का ऐहसास भी आपके दिल मे डर का पैदा कर देता है। वैसे तो बहुत से स्थान हैं जहां भटकती आत्मयों का वाश है। ऐसा माना जाता है की जो बहुत समय से वीरान हो,या कोई मकान जो बहुत समय से खाली हो या फिर वह स्थान जहां किसी दुर्घटना के कारन किसी की जान गई हो यह सब स्थानो पर भूतों और काली शक्तियाँ का वाश होता है।【Hindi kahaniya】

ऐसी तो बहुत सी जगहें है जो की भूतिया (haunted) माना गया है। आज हम उन्हीं मे से एक ऐसे स्थान के बारे मे जानने वाले है। यह स्थान भारत मे सबसे डरावनी और भूतिया (scary and haunted) माना जाता है।

वह स्थान है भानगढ़ का किला। इसकी कहानी बहुत ही डरावनी है, वैज्ञानिको ने भी इस किला का परिक्षण किया है और उन्होने भी यह माना है की भानगढ़ के किले मे कुछ तो गड़बड़ है। वहां किसी काली शक्तियों का निवास है। 

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भानगढ़ किला कहाँ है ?  

भानगढ़ का  किला भारत के राज्य राजस्थान के अलवर जिले में है। यह  सरिस्का रिज़र्व के बॉर्डर पर है।  किला अरावली के पहाड़ो के ढलान वाले इलाके में स्थित है। भानगढ़ के  नजदीक गोला का बास गाँव है।   
 

भानगढ़ किले का इतिहास|भानगढ़ का किला स्टोरी इन हिंदी

भानगढ़  किले को  1573 मे आमेर के राजा भगवंत दास ने निर्माण करवाया था। किला निर्माण के बाद 300 साल तक आबाद रहा। उस समय भानगढ़ की आबादी 10000 थी। 16बी सताब्दी मे यह किला राजा माधो सिंह का निवास बना। राजा माधो सिंह राजा सवाई मान सिंह के छोटे भाई थे।

भानगढ़ किला की सच्ची कहानी।(real story of bhangarh killa)

ऐसा कहा जाता है की भानगढ़ की राजकुमारी, राजकुमारी रत्नावती बहुत ही खुबसूरत थी। उनकी खुबसूरती के चर्चे चारो तरफ फैले हुए थे। अनेक अनेक राजकुमारो और राजायों के विवाह प्रस्ताव आते थे। 

 एक दिन राजकुमारी रत्नावती अपनी सहेलियों के साथ रजौरी बाजार मे इत्र लेने गई थी। वह एक इत्र की दुकान पर इत्र की खुशबू संघ रही थी। तभी उसी बाज़ार मे एक सिंधिया नाम का व्यक्ति दूर खड़ा हो कर राजकुमारी रत्नावती को देख रहा था। वह राजकुमारी की खुबसूरती पे मोहित हो गया था। 【भानगढ़ का किला स्टोरी इन हिंदी】
 

सिंधिया एक तांत्रिक था। जिसका पूरा  सिंधु  सेवड़ा था।  जो की काले जादू और तंत्र मंत्र मे निपुण था। वह महल से दूर एक गुफा मे रहता था।

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राजकुमारी रत्नावती को जो इत्र पसंद आया था। तांत्रिक ने उस इत्र मे काला जादू कर दिया था। जो भी उस इत्र को लगाता वह तंत्रिक की ओर आकर्षित होने लगता। यह बात राज्य की किसी व्यक्ति को पता चल गई। 
 
उसने तुरंत राजकुमारी को जा कर यह बात बता दिया। राजकुमारी ने उस इत्र की शीशी को महल के बाहर एक चटान पर फेक दिया। शीशी चटान से टकरा कर टुट गई और सारा इत्र उस चट्टान पर गीर गया। तांत्रिक की जादू के कारन वह चाटान तांत्रिक की और बढ़ने लगा।
 

तंत्रिक उस को लगा राजकुमारी उस चट्टान पर बैठ कर आ रही है। इस लिये उसने चट्टान को अपने पास आने दिया। चट्टान पास आ गया और तांत्रिक को उसे रोकने का मौका नही मिला। और तंत्रिक उस चट्टान के निचे आ गया। तांत्रिक अपनी आखिरी सांस लेते हुए उसने भानगढ़ को श्राप दे दिया। 【Hindi kahani】

भानगढ़ अब कभी सुखी सुखी नही रह पायेगा। यहां रहने वाले सभी निवशी मारे जायेंगे। और दुबारा जन्म नही लेंगे। यहां मरने वाले लोगो की आत्माएँ यही भटकती रहेगी उन्हे कभी मुक्ति नही मिलेगी। यह श्राप दे कर तांत्रिक मर गया।

तांत्रिक के मृत्यु के कुछ साल बाद ही भानगढ़ एक वीरान खण्डहर मे तब्दील हो गया। वहां रहने वाले लोगों की मृत्यु हो गई । इस श्राप से रत्नावती भी नही बच पाई और वह भी मारी गई । ऐसा माना जाता  है की आज भी वहाँ मरने वालों की आत्माएं भटकती है। लोगो का मानना है की रात को महल के अंदर से अजीब अजीब चीख पुकार की आवाज़े आती हैं। 

कई लोगो ने अपने जाने भी गवां दी है। वह महल के अंदर राको महल के अंदर गए थे लेकिन वह ज़िंदा नहीं लौट पाए।  बहुत से लोगो ने भानगढ़ के किले में भूतो का और काली शक्तियों का ऐहसास किया है।  वैज्ञानिकों का मानना है की राजकुमारी रत्नावती के कमरे में सबसे जय्दा नकारत्मक शक्तियों (negative energy )का एहसास होता है। 【भानगढ़ का किला स्टोरी इन हिंदी】
 
ऐसा कहा जाता है की आज भी सिंधु सेवडा (तंत्रिक) की आत्मा राजकुमारी रत्नावती का इंतज़ार कर रहा है।
 

भानगढ़ का किला भारत का सबसे भूतिया किला मन जाता है। यहां कई लोगो ने काली शक्तियां और भूतो के होने का एहसास किया किया है। इसलिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने किले के चारो ओर एक बोर्ड लगा दिया है। 

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की चेतावनी | 

 

  • भानगढ़ के किले में सूर्योदय के पहले और सूर्यास्त के पश्चात प्रवेश वर्जित है। 
  • भानगढ़ की किला में किसी भी प्रकार की मवेशियों का प्रवेश कराना कानूनी अपराध है,आज्ञा का उलंघन करने अपर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। 【Moral story in Hindi】
  • भानगढ़ की सिमा में केवड़े के वृक्ष भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भारत सरकार ) की  सम्पति है। केवड़े के वृक्ष को किसी भी प्रकार की क्षति पहुँचाना मना  है। 
नोट :- उपरोक्त आदेशों का उलंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
 
इस महल मे  कई लोगो ने परिक्षण किये है। लेकिन आज भी कुछ ऐसे सूूलझे प्रशन हैं। जीनके उतर किसी को पता नहीं है ।
45%लोगो को यह लगता है की वहाँ भूत रहते है। भूतो का वास होता है। लेकिन कुछ ऐसी कहनिया भी प्रचलित है की उस महल मे खजाना है। जिसे सुरक्षित रखने के लिये ऐसी कहनिया फैलाई गई है। 
 
लेकिन आज तक कोई इस रहस्य को सुलझा नही पाया।
 
अपने इस भूतिया कहानियां और अनसुलझे रहस्यों के कारन भानगढ़ का किला पर्यटको के लिये रोमांच स्थान है। यहां हर साल लाखो की तादात मे लोग यहां घूमने आते हैं। देश विदेश से लोग घूमने आते हैं। भानगढ़ का किला अपनी बनावट और अपने इतिहास से पर्यटको को अपनी ओर आकर्षित करता है ।
 

निष्कर्ष 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको भानगढ़ का किला स्टोरी इन हिंदी|real story of bhangarh kila in Hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।
 
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