बद्सूरत बतख़ |ugly duckling story in Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi

बद्सूरत बतख़ का संक्षिप्त विवरण| Hindi kahaniya |Hindi kahani|Moral stories in Hindi

बद्सूरत बतख़ |Hindi kahaniya|:इस कहानी में एक बदसूरत बतख है जिससे सब नफरत करते है   [Hindi kahania]  पर दुनिया ये नंही जानती की जिसे वो बतख़ समझ रही है वो कुछ और है।  [Hindi kahania]

 

एक बार गर्मी के दिनों में ,फार्म  के सभी जानवर ,पंछी मज़्ज़े कर रहे थे उसी फार्म में बतख़ भी रहते  थे।

सभी बतख़ तालाब में नाहा रहे थे। वही एक माँ बत्तख अपने अंडो से बच्चों के बहार निकलने का इंतजार कर रही थी। थोड़ी देर के इंतजार के बाद बच्चे अंडे  से बहार आने लगे|

सभी बच्चे बहार आ गए ,लेकिन एक अंडा से बच्चा बाहर नहीं आ पा रहा था बतख़ माँ  उस अंडे पे थोड़ी देर बैठ गई।
थोड़ी देर बाद उस अंडे से बच्चा बाहर आ गया। सभी दूसरे बच्चे उसे देख कर जोर जोर से हँसने लगे।  माँ बतख़ भी उस बच्चे को देख कर आश्चर्य चकित थी|

वो बच्चा समझ नहीं पा रहा था की क्या हो रहा है वो बच्चा बाकी दूसरे बतख़ के बच्चे से अलग था ये देखने में बहुत बदसूरत था |

वह दूसरे बच्चे की तरह नहीं था। ये सब देख कर बदसूरत बच्चा रोने लगा ,तभी उसकी माँ उसके पास आई और उसे संभाला ,उसे समझाया की वो दुसरो से अलग है।  [Hindi kahaniya]

समय के साथ धीरे धीरे बच्चे बड़े हो रहे थे। लेकिन बदसूरत  बतख़ बाकी दुसरो बच्चो से ज्यादा बड़ा लग रहा था।

उसकी माँ को लग रहा था की वो बहुत जल्दी जल्दी बड़ा हो रहा है फार्म के सभी जानवर उसका मज़ाक उड़ाते थे।

कोई भी उसके साथ खेलना नहीं चाहता था। सभी उसे चिढ़ाते थे। बच्चा रोता रहता था पर उसकी माँ उसे समझती थी की वो अलग है  उसकी माँ उसके  साथ  खड़ी रहती थी।

एक दिन सभी बच्चे माँ के साथ तालाब में तैर रहे थे ,बाकि के पंछी और जानवर भी मज़्ज़े कर रहे थे। की तभी दो शिकारी बन्दुक ले कर आ गए। सभी जानवर पंछी भागने लगे।

वो शिकारी की बन्दुक की आवाज़ सुन कर बतख माँ भी अपने बच्चो को ले कर भागने लगी।  (ugly duckling Hindi kahani)

 शिकारी ने उसे देख लिया और गोली चलाने लगा।  एक गोली बतख माँ को लग गई। शिकारी उसे ले गए। तब तक बच्चे फ़ार्म मे जा चुके थे।

बदसूरत बतख माँ के इंतजार में फार्म के दरवाजे पे खड़ा था।वो इंतजार में था की उसकी माँ कब आएगी।

उसको इंतजार करते करते दो दिन हो गया था।  वो सभी जानवरो के पास जा जा कर पूछ रहा था  की उसकी माँ को किसी ने देखा है?  सभी जानवर उसे भगा दे रहे थे। कोई उस बदसूरत बतख से बात तक नहीं करना चाहता था ।

 

बद्सूरत बतख़ |Hindi kahani|Moral stories in Hindi

 

वो एक कुत्ते के पास गया। क्या तुमने मेरी माँ को देखा है?कुत्ता ने उसे कहा मै एक बदसूरत बतख से बात नहीं कर सकता। सभी मुझपर हसेंगे ! बतख वहां  से चला गया।

अब वो एक मुर्गी के पास गया मुर्गी ने उसे कहा मैं  तुमसे बहुत खूबसूरत हूँ ।

भागो यहाँ से..

ये सब सुनने के बाद बतख बहुत उदास रहता था वो कोई ऐसी जगह जाना  चाहता था जहां  वह अपने आप को छुपा सकता था | [Moral stories in Hindi]

बतख अपनी माँ की खोज में अपने फ़ार्म से बाहर  निकला और चलने लगा।

 रस्ते में वह सबसे अपनी माँ के बारे में पूछता जा रहा था। वो चलते  चलते तीन तालाब पार कर चूका था।

 अचानक उसने देखा की एक तालाब है जो पूरी तरह से खाली है।  उसने सोचा मै  यही रहूँगा। बदसूरत बतख उस तालाब में रहने लगा।

एक दिन उसने आसमान में देखा की कुछ पंछी अपनी लम्बी गर्दन आगे कर के उड़ रहे थे। बतख उसे देख के सोचने लगा वो लोग कितने खूबसूरत है।

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काश  मै भी इतना खूबसूरत होता।  बतख वैसे तो उस तालाब में अकेला रहता था। लेकिन वो खुश रहता था।

सर्दियों का मौसम आ गया था बर्फ गिरना शूरु हो गया था। सभी तालाब जम चुके थे।  

चारो तरफ बर्फ ही बर्फ था। बतख तालाब से निकल कर बाहर आ गया था वो बर्फ में मज़्ज़े से खुश हो कर खेल कूद रहा था।

चारो तरफ बर्फ होने के कारन बतख को खाना ढूंढने में बहुत परेशानी हो रहा था।

उसे कहि खाना नहीं मिल रहा था। वो चलता जा रहा था अब उसे ठंढ भी लगने  लगी थी।

 वो कांपने लगा था वह एक पेड़ के नीचे जा कर बैठ गया।  एक किसान ने उसे वहा देखा किसान को उस पर बहुत दया आया किसान ने बतख को अपने चादर में लपेट कर उठा लिया।

किसान ने कहा जब तक तुम बड़े नहीं हो जा ते मैं तुम्हारा ख़याल  रखूँगा।

किसान उसे अपने साथ रख लिया और उसकी देख भाल करने लगा।

कुछ महीने बाद बतख बड़ा हो चूका था। किसान ने उसे आगे की ज़िंदगी के लिए उसे तालाब में छोड़ने का फैसला किया।  [Moral stories in Hindi]

बतख जब तालाब में गया उसने अपने आप को पानी की परछाई में देखा। वह अपने आप को देख कर दंग रह गया।

उसे यकींन नहीं हो पा रहा था जो वह देख रहा था। उसे लगा की ये किसी और की परछाई है।

उसने अपने पंख फैलाया कर देखा। अपनी गर्दन आगे कर के देखा।  अब उसे यकीं हो गया था की वह परछाई इसकी ही है।
बतख जो बदसूरत लगता था वह बहुत खुबशुरत हो चुका था।  [Hindi kahaniya]

तालाब में कुछ हंसो का समूह जा रहा था। वह उनकी तरह दिख रहा था। वह कोई बदसूरत बतख नहीं था बल्कि वो एक हंस था। असल मे वह एक हंस का बच्चा था जिसका अण्डा गलती से एक बतख के घोसले मे जा पहुचा था।

वह उन हंसो के साथ चला गया और उनलोगो के साथ ही रहने लगा।

कहानी की सीख : हमे कहानी से यही सीख मिलती है की अगर हम दुनिया से अलग है तो दुनिया हमारा मज़ाक उड़ाएगी पर हमे उनपे ध्यान नहीं देना है और  खुद को सफल बनाना है। 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको बद्सूरत बतख़ |ugly duckling story in Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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1 thought on “बद्सूरत बतख़ |ugly duckling story in Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi”

  1. यार मै भी एक ब्लॉगर हूँ, मैंने आपकी ब्लॉग पर देखा की आपका ब्लॉग monitize है मै गूगल एडसेंस नही उपयोग करता हूँ मै एक दूसरा adnetwork use करता हूँ अगर आपको और जानना है तो मेरे ईमेल पर massage करें usahil765@gmail.com

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