टोपी वाला और बन्दर story in hindi with moral | Hindi kahaniya

टोपी वाला और बन्दर story in hindi with moral | Hindi kahaniya

नमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है। इस blog पे आपको inspirational Hindi kahani, Horror Hindi kahaniya …इन्ही तरह के और भी  Hindi kahaniya पढ़ने को मिलेंगे ।

कहानी की शुरुआत ।

एक बार एक टोपियों का व्यापारी अपनी टोपियों को बेचने के लिये दूर किसी शहर जा रहा था। चलते चलते दोपहर हो चुका था। टोपियों का व्यापारी थक चुका था और उसे भूख भी लगी थी। उसने एक बड़े विशाल पेड़ के निचे अपनी टोपियों से भरी टोकरी रख दी और वह वही बैठ गया। व्यापारी ने अपना खाने का डब्बा निकाला और भोजन करने लगा। भोजन करने के बाद उसने सोचा थोडा आराम कर लेता हूं। कोई जल्दी तो नही जाने की,

व्यापारी पेड़ के निचे आराम करने लगा और उसे नींद आ गई। वह आराम से सो रहा था। उसे भनक तक नही था की वह कहा सोया हुआ है। टोपिवाला जिस पेड़ के निचे सोया हुआ था वह पेड़ बंदरो का घर था। उस पर बहुत सारे बन्दर रहते थे।

 बंदरो की नज़र टोपिवाले की टोपियों से भरी हूई टोकरी पे गई। टोकरी मे बहुत सारी रंग बिरंगी टोपिया थी जिसे देख बंदरो के मन मे टोपि से खेलने का विचार आया। बंदर एक एक कर निचे आये और टोकरी से टोपि ले गये। टोपियो से भरी टोकरी खाली हो गई। बंदर टोपि ले कर पेड़ पर चढ़ गये थे। 【Hindi kahani】
जब टोपिवाले की नज़र खुली और उसने अपनी टोपियो से भरी टोकरी देखी जो अब पूरी तरह खाली हो चुकी थी। मानो उसके पैरो तले जमीन ही खिच ली किसी ने। 
वह परेशान हो गया था उसके मन मे बहुत से ख्याल आ रहे थे। उसे लगा उसके टोपियाँ कोई चुरा कर ले गया। वह इधर उधर देखने लगा पर कोई नही दिखा। 

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वह चिल्लाने लगा, हाय हाय मेरी टोपियों को कौन ले गया? अब मेरा क्या होगा? वह चिल्ला रहा था तभी उसकी नज़र पेड़ के उपर जाती है। 
उसने देखा उसकी सारी टोपियों को तो बंदरों ने पहन रखा था। वह गुस्से से अपने दोनो हाथों को उपर उठा कर जोर जोर से चिलाने लगा ताकी बंदर डर कर उसकी टोपियाँ वापस कर दें।

परंतु ऐसा कुछ नही हुआ। बंदर उसकी नकल उतारने लगे जैसा जैसा टोपिवाला करता बंदर भी वैसा करते। काफी देर हो गई बंदर टोपि देने को तैयार ही नही थे। तभी टोपिवाले के दिमाग मे एक योजना आई। 

उसने अपने हाथो को उपर उठाया और हिलाने लगा। बंदर तो नकलचि होते ही हैं वो भी अपने हाथों को उपर उठा कर हिलाने लगे। 【Moral stories in hindi】
टोपिवाला अपने पैरों से कूदने लगा बंदर भी कूदने लगे तभी टोपिवाले ने एक हाथ से अपनी टोपि अपने सर से उतार कर हाथो मे ले लेता है और ज़मीन पर फेक देता है। बंदरों ने भी बिल्कुल ऐसा ही किया। वह भी सारी टोपियाँ जमीन पर फेक देते हैं। 
टोपिवाले ने जल्दी से सारी टोपि इक्कठी की और अपनी टोकरी मे भर लिया। टोपिवाले की सारी टोपि उसे मिल गई वह फुर्ती से वहां से निकल गया अपने रस्ते ।

सीख:- इस हिन्दी कहानी से आप क्या समझे? यही की मुसीबत आने पर ठंढे दिमाग से सोचे आपकी समस्या का हल आपको मिल जायेगा। घबराने से कुछ नही मिलेगा।

निष्कर्ष 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको  टोपी वाला और बन्दर story in hindi with moral|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।
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