जादुई जड़ी बूटी और राक्षस | Hindi kahaniya

जादुई जड़ी बूटी और राक्षस | Hindi kahaniya

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कहानी की शुरुआत ।

एक बहुत बड़े घने जंगल के पास एक गाँव था। उस गाँव मे एक माखनलाल नाम का आदमी अपने बेटे राजू के साथ रहता था। माखनलाल के घर के पीछे एक पेड़ था।
 जिसपर मधुमखी का बडा छता था। एक दिन माखनलाल सहद के लालच मे उसने मधुमखी के छते पर पत्थर मार दिया। पत्थर लगते ही चारो ओर मधुमक्खियाँ उड़ने लगी और तभी कुछ मधुमक्खियाँ माखनलाल के आंखों मे डंक मार देती है।
माखनलाल डंक लगने से अन्धा हो गया था। उसे कुछ दिखाई नही देता था। इसे देख कर उसका बेटा राजू बहुत परेशान था। राजू अपने पिता का बहुत ख्याल रखता था।
 लेकिन उनकी आंखो को लेकर वह चिंतित रहता था। एक दिन राजू उदास गाँव के एक चौराहे पर पेड़ के निचे बैठा था। तभी उधर से गंगुबाई गुजर रही थी उसने राजू को उदास देख कर पुछा।
क्या हुआ बेटा , तब राजू ने बताया की वह अपने पिता की आंखो को ले कर परेशान है। गंगुबाई ने उसे कहा तुम उनका इल्लज़ क्यू नही करते। 【Hindi kahani】
राजू ने कहा की वह गाँव से सारे बैद को दिखा चुका है। लेकिन किसी के पास उनका इलाज नही है। यह सुन गंगुबाई ने कहा तुम यह सब को छोडो और तुम पहाडी के पास रहने वाले बैजू बाबा को क्यू नही दिखाते? उनके पास इसका जरुर कोई इल्लज़ होगा।
राजू को गंगुबाई का सुझव बहुत अच्छा लगा। अगले ही दिन राजू अपने पिता को ले कर बाबा के पास गया। बाबा ने माखनलाल की आंखो मे देखा और कहा।
 मै तुम्हारे पिता की आंखो को ठीक कर सकता हूं। लेकिन उसके लिये तुम्हे जादुई बूटी लानी होगी। राजू ने बोला मै बूटी ले आऊंगा। आप मुझे बताईये की वह कहा मिलेगा और कैसा दिखता है वह बूटी।
 बाबा ने कहा यह बूटी पहाड के पीछे घने जंगल मे मिलेगा, और कहा जिस फूल से सफेद रंग की रौशनी निकल रही होगी वही जादुई बूटी है। लेकिन वहां एक बहुत खतरनाक राक्षस रहता है। वह तुम्हे आसानी से बूटी नही लेने देगा।
 यह कह कर बाबा ने राजू को एक बूटी दिया और कहा जब भी तुम मुस्किल मे पडोगे इस बूटी को खा लेना। तभी राजू पूछता है इसे खाने से क्या होगा । बाबा हसते हुए बोले तुम खाते ही समझ जायोगे। राजू अपने पिता का आशीर्वाद ले कर बूटी लेने के लिये निकल पड़ा। 【Hindi kahaniya】
राजू जंगल मे घुस गया और आगे बढ़ता जा रहा था। काफी दूर जाने के बाद राजू एक जगह रुक कर देखता है तो उसे सिर्फ बड़े बड़े पेड़ दिखते हैं। राजू सोचता है बाबा तो कह रहे थे की यहा राक्षस रहता है। 
कहां है वो! सायद बाबा मुझे डराने के लिये राक्षस के बारे मे कहा होगा।  कुछ दूर और आगे जाने के बाद राजू को एक राक्षस दिखा जो उसके तरफ ही आ रहा था। राजू छुपाने लगा लेकीन  राक्षस ने उसे  देख लिया और राजू के सामने आ खड़ा हो गया।
राक्षस :- कौन हो तुम? यहां क्या कर रहे हो?
राजू घबरा गया और सोचा मै अगर इसे बूटी के बारे मे बोलूंगा तो यह मुझे बूटी लेने नही देगा। राजू ने चालाकी से सोचा और कहा।

चालाक लड़के और राक्षस की कहानी|Hindi kahaniya

मै एक व्यापारी हूं। मै तुमसे एक सौदा करना चाहता हूं। तभी राक्षस बोलता है मै कोई सौदा नही करता। मेरे पास सब कुछ है। मै सब कुछ हासिल कर सकता हूं अपनी शक्ति से। 
तभी राजू बोलता है मै कोई ऐसा वैसा व्यापारी नही हूं। मै तुम्हे एक ऐसी चिज के बारे मे बतायुंगा जिसे तुम और शक्तिशाली हो जायोगे। राक्षस सोचने लगता है और पुछता है कौन सी ऐसी चिज है।
राजू बोलता है तुम्हारे पास ऐसा क्या है जो तुम मुझे दे सकते हो। राक्षस बोला मै तुम्हे इस जंगल का सारा फल दे सकता हूं। राजू ने बोला फल तो मेरे गाँव मे भी है। तभी राक्षस उसे सोना देने की बात करता है। 
लेकिन राजू को तो बूटी चाहिये था। उसने चालाकी से राक्षस से कहा तुम मुझे कोई ऐसी चिज दो जो कही और नही मिलता है।  तभी राक्षस राजू को एक गफ्फा मे ले जाता है जहा बहुत सारी बूटिया रहती है और उनसे रंग बिरंगी रौशनी निकल रही थी।
 राजू ने कहा मुझे सफेद रौशनी वाली बूटी चहिते। राक्षस ने बूटी राजू को दे दिया। और वह गफ्फा से बाहर आ गये। राक्षस ने कहा मुझे वह चिज दो जिसे मै और शक्तिशाली हो जाऊंगा।

राजू बोलता है वह चिज है अकल यह तुम्हारे पास आ जायेगा तो तुम और शक्तिशाली हो जयोगे। राक्षस बहुत गुस्सा होता है और राजू को मारता है। राजू एक ही बार मे दूर जा कर गिरा। 

तभी राजू ने बाबा की दी हूई बूटी खा लेता है। जिसे खाते ही वह बहुत शक्तिशाली हो जाता है और राक्षस से लड़ाई करने लगता है। और राक्षस को राजू मार गिरता है और बूटी ले कर वह आसानी से वहा से लौट जाता है। 
राजू ने बाबा को बूटी दिया। बाबा ने बूटी से दवाई बनाई और माखनलाल की आंखों मे वह दवाई लगाया। दवाई लगाते ही माखनलाल की आंखो की रौशनी वापस आ जाती है और वह अब कुछ पहले की तरह देखने लगता है।

सिखा:- हमे लालच नही करना चाहिये। और हमेशा अकल से काम करना चाहिये। अकल सबसे बड़ी होती है।

निष्कर्ष 

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको जादुई जड़ी बूटी और राक्षस  |Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।
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