कालीन भैया की biography | pankaj tripathi story in hindi

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pankaj tripathi story in hindi की शूरुआत

पंकज त्रिपाठी आज एक ऐसा नाम बन चुका है जो लोगो के दिलो मे बसता है। उन्होने यह मुकाम खुद अपनी ऐक्टिंग से कमाया है। आज लोग पर्दे पर उनको देखना चाहते हैं। इस मुकाम तक पहुचंने का सफर पंकज त्रिपाठी के लिये बहुत ही लम्बा रहा। उन्होने बहुत फिल्मो,टीवी सीरियल मे काम किया। 

पंकज त्रिपाठी कौन हैं | who is pankaj tripathi

पंकज त्रिपाठी भरतीय मूल के एक अभिनेता है। जिन्होने 2004 मे bollywood से अपनी ऐक्टिंग की journey शुरू की थी। अपने career के शुरुआत मे वह छोटे रोल करते थे। 2012 मे उन्हे bollywood मे एक बड़ा break मिला।

जिसके बाद उन्होने कई फिल्मे की, फिल्मो के साथ साथ उन्होने वेब सीरियेज़ और short फिल्मों मे भी काम किया है।लेकिन पंकज को असली पहचान gangs of waseeypur के बाद मिली।आज कल पंकज हर दूसरी फिल्म मे नज़र आते हैं। उनके प्रसंसक उन्हे देखना चाहते हैं। आज वह एक बड़े अभिनेता बन चुके हैं।

pankaj tripathi की life journey किसी inspirational story से कम नही है। आगे पढते हैं और जानते हैं की कैसे एक छोटे से गांव से निकल कर वह पूरी दुनिया मे छा गये। 

प्रारंभिक जीवन | Early life of pankaj tripathi

पंकज त्रिपाठी का जन्म 5 सितम्बर 1974 को बिहार के गोपालगंज जिले मे एक छोटे से गांव बेलसांड मे हुआ था। 

उनके पिता का नाम पंडित बनारस त्रिपाठी है जो की पेशे से एक किसान और वह एक पुजारी भी थे। 

उनकी माता का नाम हेमवंती देवी है। पंडित बनारस त्रिपाठी और हेमवंती देवी के चार बच्चे हैं। जिसमे सबसे छोटे पंकज त्रिपाथी हैं। 

पंकज त्रिपाठी अपने पिता के साथ खेती करते थे। पंकज के गांव मे त्योहारों के समय एक नाटक होता था। 

जिसमे वह एक लड़की का किरदार निभाते थे। वह किरदार लोगो को बहुत पसंद आता था। गांव के लोग पंकज को फिल्मो मे ऐक्टिंग करने के लिये प्रोत्साहित करते थे।

शिक्षा दीक्षा कहा हुई | pankaj tripathi story in hindi

पंकज अपनी 12वी के बाद पटना चले गये। पटना जो की बिहार की राजधानी है। पंकज त्रिपाठी ने अपने आगे की पढ़ाई के लिये indian institute of hotel management, hazipur मे दाखिला लिया। वह कॉलेज के राजनीति मे बहुत सक्रीय थे। 

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वह अखिल भरतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य भी थे। साथ ही साथ उन्होने थिएटर करना भी शुरु कर दिया था।

पंकज त्रिपाठी ने 7 सालो तक पटना के 5 star होटल मे काम किया। उन्हे अब समझ आ चुका था की उन्हे ऐक्टर बनना है तो बड़े शहरो मे जाना पड़ेगा।

 ऐक्टिंग मे जीवन बनाने के लिये वह दिल्ली चले जाते है। जहां वह national school of drama (NSD) मे अपना दाखिला करा लेते हैं। 

पंकज 2004 मे national school of drama से ग्रेजुएट होते हैं। पंकज त्रिपाठी की शादी 15 जुलाई 2004 मे ही हो गई थी। उनकी पत्नी का नाम मृदुला है। 

career

NSD(national school of drama) से ग्रेजुएट होने के बाद  मे वह 16 अक्टूबर 2004 को मुंबई चले गये थे। मुंबई जिसे सपनो का शहर कहा जाता है।

 पंकज भी अपनी किस्मत आजमाने पहुंच गये थे। शुरुआत मे उन्हे कोई काम नही मिलता था। 

घर के खर्चे उठाने के लिये उनकी पत्नी मृदुला शिक्षक का काम  करती थी और पंकज फिल्मो और टीवी सीरियल के लिये ऑडिशन दिया करते थे।

शुरुआत मे उन्हे छोटे मोटे रोल मिलने लगे थे। उन्होने Run और omkara मे भी काम किया है। 

वह रोल बहुत छोटे होते थे। 2010 मे star plus चेनल पर एक सीरियल आया जिसका नाम गुलाल था। उसमे पंकज को रोल मिला। 

उनकी ऐक्टिंग देख कर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबरा ने उन्हे अनुराग कसयप की फिल्म gangs of wasseypur के लिये ऑडिशन देने को कहा।

वह पंकज को अनुराग कश्यप के पास ले कर गये और 8 घंटे की ऑडिशन के बाद उन्हे gangs of wasseypur मे सुलतान का रोल मिला। 

फिल्म रिलीज़ होने के बाद लोगो को यह फिल्म बहुत पसंद आया इस फिल्म के सभी किरदारों को लोग बहुत पसंद करने लगे। 

पंकज इस फिल्म के बाद सभी के नजरो मे आने लगे। अब उन्हे फिल्म भी मिलने लगी थी। पंकज की पहली film बतौर main lead थी gurgaon जो की 2017 मे आई थी।

 पंकज त्रिपाठी की फिल्म newton academy award for best international feature film के लिये nominate हुई थी।

पंकज त्रिपाठी ने तमिल सिनेमा मे अपना debut किया। उनकी पहली तमिल फिल्म का नाम था kala जिसके main lead थे रजनीकांत। यह फिल्म 7 जून 2018 मे रिलीज़ हुई थी।

2018 मे एक web series रिलीज़ हुई,जिसका नाम मिर्ज़ापुर था। इस web series मे पंकज त्रिपाठी मेन रोल मे से एक थे।

 इस web series ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये और पंकज त्रिपाठी को फिल्म जगत मे एक अलग पहचान दी। लोग पंकज त्रिपाठी को बहुत प्यार करने लगे,लोग उन्हे देखना चाहते हैं। 

2019 मे मिर्ज़ापुर की दूसरी सीज़न आई। इसके साथ साथ उन्होने दूसरी सबसे popular web series मे काम किया जिसका नाम सेक्रड गेम था। आज पंकज त्रिपाठी के फैंस दुनिया भर मे है। 

pankaj tripathi upcoming movie

पंकज त्रिपाठी 1983 के cricket world cup based movie 83 में Pr.man singh का character निभाते दिखेंगे।

facts about pankaj tripathi ( पंकज त्रिपाठी के बारें में कुछ तथ्य)

पंकज के माता पिता आज भी गांव मे ही रहते हैं।

पंकज त्रिपाठी ने 10वी कक्षा तक कोई सिनेमा घर या टीवी नही देखा था। इसके बावजूद भी उन्हे अभिनय का सौख था और वह आज एक दिग्गज कलाकार हैं। 

पंकज के पिता पंडित बनारस त्रिपाठी चाहते थे की पंकज एक डॉक्टर बने। इसलिए उन्होने 2 बार entrance exam भी दिया था। 

कॉलेज के समय वह अखिल भारतिय विद्यार्थी परिषद के सदस्य भी थे एक बार उन्हे किसी विद्यार्थी आंदोलन के कारन उन्हे जेल भी जाना पड़ा था। वह 7 दिन तक जेल मे रहे थे। 

पंकज जेल मे timepaas करने के लिये किताबे पढते थे। यही से उनकी किताबे पढ़ने की आदत लगी और वह आज भी किताबे पढते है। उनका मनना है की एक अच्छे ऐक्टर होने के लिये पढ़ना भी बहुत जरुरी है। 

पंकज त्रिपाठी अपनी बिवी से कैसे मिले?  

पंकज जब 10वी मे थे तभी उन्होने सोच लिया था की वह लव मैरिज करेंगे और दहेज नही लेंगे। 
 
एक बार एक शादी मे उनकी मुलाकात एक लडकी से होती है और उन्हे love at first sight हो जाता है। 
 
1993 मे वह उस लडकी के साथ relationship मे आये और 2004 मे शादी कर ली। पंकज की गर्लफ्रेंड कोलकाता मे रहती थी और वह पटना मे। 
 
NSD मे जाने पहले उनके माता पिता ने उनसे पूछा था की क्या इसे तुम्हारी रोजी रोटी चल जायेगी।तब उन्होने कहा था की course खत्म होते ही उनकी टीचर मे नौकरी लग जायेगी। उनके माता के नजरो मे सरकारी नौकरी लगना मतलब जीवन सफल हो जाना है। 
 
पंकज ने पुरा भारत घुमा है। वह हर नदी जहां से निकलती है और जहां खत्म होती है वह सभी जगह घुमना चाहते हैं। 
 
पंकज कहते हैं हमारा देश बहुत खुबसूरत है। यहां अलग अलग बोली, अलग अलग खान पान है अलग अलग पहनावे है। हमारे सिखने के लिये बहुत कुछ है।
 
उन्होने अपने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था की सभी बच्चो को 12वी के बाद एक बार भारत भ्रमण जरुर करना चाहिये। 
 
उन्होने यहां तक कहा की सभी स्कूल को बच्चो घुमाने ले जाना चाहिये। 
 
nsd मे पढ़ना उनके जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण समय था। 
 
उनकी love life भी बहुत खुबसूरत थी वह कहते हैं की उन दिनो मोबाइल फोन नही हुआ करते थे। साल मे एक बार अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने कोलकाता जाते थे। 
 
और 15 दिन मे चिठी आ जाया करती थी। कभी कभी हॉस्टल के लैंड लाईन से उनकी बाते हो जाया करती थी। 
 
शुरुआत के दिनो मे वह बहुत ऑडिशन दिया करते थे और हर बार उन्हे not fit कह कर छाट दिया जाता था।
 
 वह मजाकिया अंदाज मे एक इंटरव्यू मे कहा था की not फ़िट सुनने के उन्हे इतनी आदत हो गई थी। उन्हे लगता था की किसी दिन घर का दरवाजा खुले और पत्नी बोले not fit । 
 
एक दिन उनकी मुलाकात राम गोपाल वर्मा से होती है। राम गोपाल वर्मा नये चेहरे को मौका दे रहे थे उन्हे पंकज को बुलाया और बैठने को कहा। 
 
5 मिनट तक अलग अलग सकल बना कर राम गोपाल वर्मा पंकज को देख रहे थे। उसके बाद उन्हे बोला की कल एक टोपी पहन के आना।
 
 पंकज ने अगले दिन 3500 मे real life inspirational stories of success in hindi एक टोपि और जैकेट खरीदा और पहूच गये। उस दिन भी राम गोपाल वर्मा उन्हे देखते रहे। पंकज आज भी उस घटना को याद कर हस पड़ते हैं। 
 
पंकज Run फिल्म मे भी थे उन्होने उस फिल्म मे दो सीन किये थे जिसके लिये उन्हे दो दिन के 8000 रूपय मिले थे। उन्हे जो चेक मिला था उसपर श्री देवी के हस्ताक्षर थे। जिसे देख वह बहुत खुश थे। 
 
पंकज ने रितिक रोशन के साथ लक्ष्य फिल्म मे भी काम किया था जब फिल्म पर्दे पर लगी तब वह अपने पुरे परिवार को ले कर फिल्म देखने गये थे। 
 
लेकिन उस फिल्म मे उनका एक भी सीन नही था। उस फिल्म से उनके कैरेक्टर को ही हटा दिया गया था। इस बात से उन्हे बहुत ठेस पहुंची थी। 
 
जब वह gangs of wasseypur मे काम कर रहे थे तब उन्हे ज़रा भी अंदाजा नही था की अनुराज कश्यप क्या बना रहे है। 
 
इस फिल्म मे उनको कशाई का रोल करते वक़्त बहुत मुस्किल हुई। क्युंकि वह कोई सेट पर नही बल्कि असली कशाई खाने मे काम कर रहे थे।
 
पंकज के कामो को मैनेजमेंट उनकी पत्नी मृदुला देखती हैं और साथ ही साथ वह घर और व्यापार भी देखती है। 
 
पंकज आज भी किसी फिल्म की कहानी सुनने के बाद अगर उन्हे पसंद नही आता तो उसे मना करने मे बहुत हिचकते हैं। 
 
क्युंकि वह कहते है की एक समय ऐसा था की उनके पास कोई काम नही था। 
 
आज पंकज 365 मे से 350 दिन काम करते हैं। 
 
पंकज अपने गांव से जुड़े हुए हैं इसलिए उन्होने अपने मुंबई वाले घर मे एक खटिया भी रखा और साथ साथ बहुत सी चीजे जो उन्हे उनकी गांव की याद दिलाती है।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको pankaj tripathi story in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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