कमज़ोर खरगोश|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in hindi

कमज़ोर खरगोश का संक्षिप्त विवरण|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in Hindi

 

कमज़ोर खरगोश|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in hindi : इस कहानी में खरगोश कमज़ोर    [Hindi kahaniya]    होने के कारण आत्महत्या करना चाहते है पर मेढक उनका मन्न बदल देता है…    [Hindi kahaniya] 

 
एक बार कुछ खरगोश गरमी के दिनों में एक सूखी झाड़ी में इकठ्ठे हुए। खेतों में उन दिनों अन्न न होने की वजह से वे सब भूखे थे और वह भूख से बहुत परेशान थे।
 
इन दिनों सुबह और शाम को गाँव से बाहर घूमने वाले  लोगों के साथ आने वाले कुत्ते भी उन्हें बहुत तंग करते थे।
 

कुतों के दौड़ने पर खरगोशों को छुपने की कोई जगह भी नहीं मिलती थी। सब खरगोश बहुत परेशान हो गए थे।

एक खरगोश ने कहा “भगवान ने हमारी जाति के साथ बड़ा अन्याय किया है। हमको इतना छोटा और दुर्बल बनाया।

हमें उन्होंने न तो हिरन जैसे सींग दिए और न ही बिल्ली जैसे तेज पंजे। अपने दुश्मन से बचने का हमारे पास कोई उपाय नहीं है। सबके सामने से हमें भागना पड़ता है।”  [Hindi kahani] 

दूसरे खरगोश ने कहा “मैं तो अब इस दुःख और आशंका से भरे जीवन से घबरा गया हूँ। मैंने तालाब में डूबकर मर जाने का निश्चय किया है।”

तीसरा  खरगोश बोला “मैं भी मर जाना चाहता हूँ। अब और दुःख मुझसे नहीं सहा जाता। मैं अभी तालाब में कूदने जा रहा हूँ।”

“हम सब तुम्हारे साथ चलते हैं। हम सब साथ रहे हैं तो साथ ही मरेंगे।” सब खरगोश बोल उठे। सब एक साथ तालाब की और चल पड़े।”

जब वह तालाब पर पहुंचे तो तालाब के पानी से निकलकर बहुत सारे मेंढक किनारे पर बैठे थे। 
 
जब खरगोशों के आने की आवाज उन्हें आयी तो वे जल्दी से पानी में कूद गये। मेंढ़कों को डरकर पानी में कूदते देख खरगोश रुक गए।
 
एक खरगोश बोला “भाइयों! हमें जान देने की कोई जरुरत नहीं है, आओ वापस चलें।  [Moral stories in hindi]
 
जब भगवान की इस दुनिया में हमसे भी छोटे और हमसे भी डरने वाले जीव रहते हैं और जीते हैं, तो हम अपनी जिंदगी से क्यों निराश हों?”.  

 उसकी बात सुनकर खरगोशों ने आत्महत्या का विचार छोड़ दिया और वापस लौट गये।

कहानी की सीख:- इस कहानी से हमें यह सीख मिलती हैं की जब तुम पर कोई मुसीबत आये और तुम्हे डर लगे तो यह देखो कि दुनिया में कितने ही लोग तुमसे भी ज्यादा दुखी, दरिद्र, रोगी और संकटग्रस्त हैं। तुम उनसे कितनी अच्छी दशा में हो। फिर तुम्हे क्यों घबराना चाहिये।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की कमज़ोर खरगोश|Hindi kahaniya|Hindi kahani|Moral stories in hindi आपको की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी ।

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