एक गरीब बच्चा जिसने 70 billion डॉलर की कंपनी बनाई |konosuke matsushita biography in hindi

एक गरीब बच्चा जिसने 70 billion डॉलर की कंपनी बनाई|konosuke matsushita biography in hindi

 नमस्कार दोस्तों आपका hindikahaniyauniverse.com में स्वागत है। इस blog पे आपको inspirational Hindi kahani, konosuke matsushita biography in hindi...इन्ही तरह के और भी  Hindi kahaniya पढ़ने को मिलेंगे ।

कहानी की सुरूआत

यह सन 27 नवंबर 1894 की बात है जापान के छोटे से गाँव मे एक बच्चे का जन्म हुआ उस बच्चे का नाम कोनोसुके (Konosuke) था ।

उस बच्चे के पिता एक किसान थे ।
जब कोनोसुके 9 वर्ष का था तब पैसों की परेशानी की वजह से उसके पिता को गाँव की जमीन बेचनी पड़ी और उनका परिवार शहर में आ कर बस गया।
अपनी पिता की मदद करने के लिए कोनोसुके को अपनी पढ़ाई बीच मे ही छोड़नी पड़ी और एक cycle की दुकान में काम करना पड़ा। 【Hindi kahaniya】
वहाँ उसे बहुत कुछ सीखने को मिला क्यों कि वहाँ metal work का भी काम होता था। 
5 वर्ष वहाँ काम करने के बाद कोनोसुके ने वहां काम छोड़ दिया और ऐसे काम की तलाश में निकल पड़ा जहाँ वो काम के साथ साथ कुछ नया सीख भी पाये। उसे electronics sector में बहुत दिलचस्पी थी।
कुछ समय बाद कोनोसुके को osaka light company में काम मिल गया अब वह काम भी करता और electronics के बारे में बहुत कुछ सीखता भी था। 【Moral stories in hindi】
वह मेहनत से काम करता गया और 22 वर्ष की उम्र में उसे company का technical inspector बना दिया गया उस समय के हिसाब से ये बहुत बड़ी बात थी।
 
वह अपने खाली समय मे बहुत सारे पुष्तके पढ़ता और बहुत सारे experiment भी करता। 

कोनोसुके का आविष्कार | konosuke matsushita biography in hindi

बहुत सारे प्रयोग करने के बाद उसने नए जमाने का electric socket बनाया पर उसके मालीक को ये बात समझ नही आई और उसने उसका idea reject कर दिया।
लेकिन कोनोसुके को अपने product पे पूरा भरोसा था इसलिए उसने खुद ही अपना business start करने का निष्चय किया ।
वह अपने दोस्तों से बात करने गया और उनसे पूछा की क्या वो उसके साथ business की सुरूआत करेंगे। 【konosuke matsushita biography in hindi】
तब कोनोसुके के दोस्तो ने उसे समझाया कि वो कितनी बड़ी गलती कर रहा है। वह अपनी नौकरी इसलिए छोड़ रहा है ताकि वो ऐसे product को बेचे जिसे उसके अनुभवी बॉस ने reject कर दिया।
उसके दोस्तो ने ये भी कहा कि तुम पढ़े लिखे नही हो और तुम्हारे पास business करने का अनुभव भी नही है तो हम तुम्हारे साथ क्यों अपना भी भविष्य खराब करे?

कोनोसुके ने अपनी company बनाने का फैसला किया

यह सब कड़वी बाते सुनने के बाद भी कोनोसुके का विस्वास डगमगाया नही और उसने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपनी थोड़ी सी जमा पूंजी के साथ अपने काम की सुरुवात की।
उसका साथ कुछ लोगों ने जरूर दिया जैसे उसके पिछले काम के सहकर्मी, उसका छोटा भाई और उसकी बीवी, कोनोसुके ने अपने घर मे ही छोटी सी factory बनाई और socket बनाने का काम सुरु कर दिया। 【real life inspirational stories of success in hindi】
वह घर-घर जाकर खुद ही socket बेचने का प्रयास करता। उसे जरूरत के हिसाब से order नही मिल रहे थे वह इतना भी नही कमा पा रहा था कि वो अपने परिवार के खर्चे निकाल सके।
धीरे धीरे हालात और खराब होते गए और एक दिन उसके सहकर्मी उसका काम छोड़ कर कहीं और नौकरी करने चले गए। अब वो सिर्फ 3 लोग ही थे जो इस मुसीबत से निकलने का रास्ता निकाल सकते थे।
हालात और बद से बत्तर होते गए और वो लगभग दिवालिया हो ही गया था उसे खर्चे पूरे करने के लिए घर का सामान बेचना पड़ा और थोड़ा कर्ज़ भी लेना पड़ा।
वह रोज order की तलाश में घर से निकलता और निराश होकर वापस घर लौट आता पर उसका विस्वास अटल था।

कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती कोनोसुके ने ये बात साबित कर दी |real life inspirational stories of success in hindi

उसके दोस्तों ने फिर उसे सुझाव दिया कि उसे अपना सपना छोड़ देना चाहिए और वापस नौकरी करनी चाहिए। पर कोनुसूके नही माना।
फिर एक दिन अचानक से कोनोसुके के company को 1000 pieces insulated plates बनाने का order मिला जो कि electric fan बनाने के काम मे आता है और उस दिन के बाद उसकी company ने पीछे मुड़ कर नही देखा।
और आज उसकी company जापान की largest consumer electronics company है जो हर साल 70 billion dollar का revenue बनाती है।【Hindi kahaniya】
और इस company का नाम है panasonic 😎।
चौक गए ना? आप मे से बहुत सारे लोग panasonic का Tv use करते ही होंगे।
भविष्य में कोनुसुके मात्सुशिता बहुत बड़े industrialist बने और उन्होंने जापान का नाम रोशन किया। 
सीख: कहने के लिये कोनुसूके बहुत तरह के खराब परस्थितियों से घिरा था जैसे कि वो पढ़ा लिखा नही था ना ही वो पैसे वाले खानदान से था फिर भी उसने अपनी परेशानी को अपना बहाना नही बनाया और इसके उलट उसने उसे सफ़लता की सीढ़ी बना ली क्यों कि उसका विस्वास अटल था और उसे ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करना था।

अगर आप यह पढ़ रहे हैं तो यहां तक आने के लिये धन्यवाद मुझे आशा है की आपको एक गरीब बच्चा जिसने 70 billion डॉलर की कंपनी बनौई|konosuke matsushita biography in hindi की हिन्दी कहानी पसंद आई होगी 

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